Get App

Delhi Rape Case: क्या दिल्ली सरकार के गिरफ्तार अधिकारी के बेटे ने भी किया किशोरी का रेप? पुलिस ने दी सफाई

Delhi Rape Case: पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निलंबित अधिकारी प्रेमोदय खाखा पर नवंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच किशोरी के साथ कई बार बलात्कार करने का आरोप है। खाखा की पत्नी ने किशोरी को अपना गर्भ गिराने के लिए कथित तौर पर दवा दी थी। पीड़िता नाबालिग बच्ची आरोपी अधिकारी खाखा की दोस्त की बेटी है, जिनका निधन हो चुका है। वह इसके घर पर ही रह रही थी

Akhileshअपडेटेड Aug 29, 2023 पर 3:31 PM
Delhi Rape Case: क्या दिल्ली सरकार के गिरफ्तार अधिकारी के बेटे ने भी किया किशोरी का रेप? पुलिस ने दी सफाई
Delhi Rape Case: इस घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है

Delhi Rape Case: कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि दिल्ली सरकार के निलंबित अधिकारी प्रेमोदय खाखा का बेटा या उसके अन्य रिश्तेदार भी नाबालिग बच्ची के यौन शोषण मामले में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में इसका कोई सबूत नहीं मिला है। अपने दोस्त की नाबालिग बेटी के कथित यौन शोषण में निलंबित अधिकारी प्रेमोदय खाखा (Premoday Khakha) के बेटे या परिवार के अन्य सदस्यों की संभावित संलिप्तता की अटकलों के जवाब में दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में अभी तक ऐसे दावों का समर्थन करने के लिए कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।

वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV से कहा, "पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने अपने लिखित बयान में किसी अन्य नाम का उल्लेख नहीं किया है।" अधिकारी ने कहा, अब तक की जांच में दो लोगों को अपराध में आरोपी पाया गया है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। उत्तरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने कहा, ''आगे की जांच की जा रही है।'' इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को खाखा द्वारा कथित तौर पर नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के मामले का संज्ञान लिया। कोर्ट ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि पीड़िता की पहचान उजागर न हो।

चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संजीव नरूला की पीठ ने घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए एक जनहित याचिका (PIL) शुरू की। हाई कोर्ट ने कहा कि पीड़िता को उचित सुरक्षा और मुआवजा मिलना चाहिए। पीठ को दिल्ली सरकार और पुलिस के वकील ने सूचित किया कि लड़की यहां एक सरकारी अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर है।

हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग, दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार से मामले में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। मामले को अब 14 सितंबर को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें