राजधानी दिल्ली में हवा की दशा हर दिन के साथ खराब ही होती जा रही है। अब दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के मद्देनजर गुरुवार यानी 2 नवंबर को प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों ने बड़ा फैसला लिया है। दरअसल 3 नवंबर से दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) अपने नेटवर्क पर 20 ट्रिप एक्स्ट्रा चला रही है। यानी कि दिल्ली मेट्रो की हर एक लाइन पर रोजाना 20 ट्रेनें एक्स्ट्रा चलाई जा रही हैं। दरअसल दिल्ली में गाड़ियों से निकलने वाला धुआं भी प्रदूषण की एक बड़ी वजह है। जिस वजह से सरकार चाहती है कि लोग अपनी गाड़ियों के बजाय सार्वजनिक परिवहन यानी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।
दिल्ली में शुक्रवार को भी खराब रही हवा की क्वालिटी
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में शुक्रवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'खतरनाक' कटेगरी में दर्ज किया गया। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (AQI) पर AQI 473 दर्ज किया गया, द्वारका सेक्टर 8 में AQI 480, ITO में AQI 433, लोधी रोड में 438, आरके पुरम में 486 और आनंद विहार में AQI 500 से भी ज्यादा दर्ज किया गया।
वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने गुरुवार यानी 2 नवंबर को GRAP स्टेज III को लागू कर दिया। DMRC ने एक बयान में कहा कि GRAP स्टेज III को लागू करने के मद्देनजर DMRC 3 नवंबर से दिल्ली मेट्रो की हर एक लाइन पर रोजाना 20 ट्रेनें एक्स्ट्रा चलाएगी। दिल्ली मेट्रो - GRAP-II के लागू होने के बाद से - 25 अक्टूबर से सप्ताह के दिनों (सोमवार-शुक्रवार) पर 40 एक्स्ट्रा ट्रिप चला रही है। DMRC के बयान में आगे कहा गया है कि इस तरह कल से दिल्ली मेट्रो लोगों को ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करेगी।
दिल्ली में अब इंटर नहीं कर पाएगी डीजल बसें
प्रदूषण नियंत्रण योजना के स्टेज-III के अमल में आते ही दिल्ली-एनसीआर में गैर-जरूरी निर्माण कार्य और डीजल ट्रकों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CQM) ने अपने आदेश में कहा कि आगे हवा की क्वालिटी और भी ज्यादा खराब हो सकती है।