Dunki: क्या है ‘डंकी’ रूट, भारतीयों को किन खतरों का करना पड़ता है सामना, जानिए कौन से देश हैं इस यात्रा में शामिल

Dunki: डंकी रूट सुनने में जितना आसान लगता है असल में काफी खतरनाक है। इस रूट पर चलने वाला कभी अपनी डेस्टिनेशन पर पहुंच पाएगा या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं होती। इसके अलावा उसकी घर वापसी की भी उम्मीदें भी खत्म हो जाती हैं। जानिए कौन से देश हैं इस रूट में शामिल और किन खतरों से एक यात्री का होता है सामना-

अपडेटेड Dec 21, 2023 पर 11:24 AM
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डंकी एक गैर कानूनी यात्रा है जिसे कई लोग दूसरे देशों में जाने के लिए कई देशों की सीमाएं छिपते-छिपाते लांघते हैं

Dunki: शाहरुख खान कीडंकीका फाइनल ड्रॉप थिएटर है। हार्डी की इस दुनिया में आपको रोमांस, रोमांच, एक्शन और थ्रिल सब मिलेगा। ये जर्नी है उन मुश्किलों और मुसीबतों की जो विदेश जाने के सपने के हर पड़ाव में आती है। फिल्म ने डंकी रूट को आम लोगों के बीच काफी पॉपुलर कर दिया है। लोगों को विदेश जाने के लिए वीजा सिस्टम का तो पता था लेकिन डंकी रूट हमेशा से ही ज्यादातर लोगों की समझ से परे था। ये अमेरिका, यूके और कनाडा के अंदर एंट्री पाने का गैर कानूनी तरीका है। राजकुमार हिरानी की इस फिल्म में विक्की कौशल, तापसी पन्नू और बोमन ईरानी जैसे मंझे हुए कलाकार हैं।

कहानी है उन किरदारों की जो बेहतर भविष्य, अच्छे मौकों और जिंदगी को नया मुकाम देने के लिए फर्स्ट वर्ल्ड कंट्रीज में जाने के लिए सबसे मुश्किल रास्ते पर चलते हैं। ये डंकी रूट सबसे ज्यादा भारत में पंजाब, हरियाणा और गुजरात के युवा अपनाते हैं। कई दिनों तक बिना खाने के जंगलों, पहाड़ियों, नदियों को लांघते हुए और समुद्र प्रशासन की आंखों से बचते-बचाते ये चलते रहते हैं। इस गैर कानूनी रूट में जान गंवाने का खतरा रहता है। हर किसी की यात्रा सफल नहीं हो पाती है। बेहतर जिंदगी का ख्वाब कई बार किसी रेतीले रेगिस्तान में या कभी समंदर के पानी में हमेशा के लिए दफन हो जाता है।

शाहरुख खान ने हाल ही में दुबई में एक इवेंट के दौरान बताया था कि 'डंकी एक गैर कानूनी यात्रा है जिसे कई लोग दूसरे देशों में जाने के लिए कई सीमाओं छिपते-छिपाते लांघते हैं। इसे डॉन्की ट्रैवल्स भी कहते हैं।' इतनी सारी परिभाषाओं के बीच आखिरकार असल में डंकी है क्या?

यूएस में गैर कानूनी तरीके से माइग्रेशन करने के चक्कर में कई भारतीय हुए गिरफ्तार

पंजाबी भाषा में कही गई एक कहावत से डंकी शब्द को लिया गया है। पंजाबी में इस शब्द का इस्तेमाल एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए किया जाता है। अमेरिका और यूरोप जाने के लिए कई लाख लोग इस रूट को अपनाते हैं। यूएस कस्टम और बॉर्डर प्रोटेक्शन द्वारा जारी किए गए डाटा के मुताबिक अक्टूबर 2022 से सितंबर 2023 के बीच 42,000 भारतीय प्रवासियों ने गैर कानूनी तरीके से अमेरिका के दक्षिण बॉर्डर को लांघने की कोशिश की थी। नवंबर 2022 तक 97,000 भारतीयों को अमेरिकी प्रशासन ने गलत तरीके से प्रांत में घुसने पर गिरफ्तार किया था।

डंकी रूट के लिए लगते हैं लाखों में पैसे


पंजाब के युवाओं के लिए कनाडा जहां पहली च्वाइस है वहीं हरियाणा के युवा अमेरिका जाने के लिए जान जोखिम में डालते हैं। ये रूट ना केवल जान के लिए जोखिम भरा है बल्कि फाइनेंशियली भी लोगों को कर्जे में डूबो देता है। यूएस की डंकी ट्रिप के लिए एक आदमी को 15-40 लाख रुपए देने होते हैं। कई बार तो ये कीमत 70 लाख रुपए तक पहुंच जाती है। जितना ज्यादा पैसा उनके लिए डंकी रूट उतना आसान हो जाता है। पुर्तगाल के लिए 15 लाख, जर्मनी के लिए 25 लाख और अमेरिका के लिए 45 लाख तक लोग इस गैर कानूनी रूट से जाने के लिए देते हैं।

सबसे पहले पड़ाव में भारतीयों को लातिन अमेरिकी देशों में पहुंचाया जाता है सबसे पहले पड़ाव में भारतीय डंकी माइग्रेंट्स को लातिन अमेरिकी देशों में पहुंचाया जाता है

Dunki Drop 1: डंकी रूट का पहला पड़ाव

डंकी रूट का पहला पड़ाव किसी भी भारतीय के लिए लातिन अमेरिकी देश है। लोगों को इक्वाडोर, बोलिविया, गुयाना, ब्राजील और वेनेजुएला में पहुंचाया जाता है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक लातिन अमेरिकी देशों से भारतीयों के लिए अमेरिकी देशों में घुसना ज्यादा आसान है। ये देश भारतीयों को वीजा ऑन अराइवल जैसी सुविधाएं देते हैं। यहां भारतीयों को टूरिस्ट वीजा आसानी से मिल जाता है। गैर कानूनी प्रवास में मदद करने वाले एजेंट इन्हीं देशों के स्थायी निवासी होते हैं। गैर कानूनी ट्रैफिकिंग में इनके काफी गहरे लिंक होते हैं।

इसका भी एक दूसरा आसान ऑल्टरनेट रूट है। जहां डंकी रूट के दौरान एजेंट दुबई से मेक्सिको के लिए एक डायरेक्ट वीजा अरेंज करते हैं। मेक्सिको में सीधा लैंड करना काफी खतरों से भरा है यहां कि लोकल अथॉरिटीज के हाथों गिरफ्तार होने का डर हमेशा बना रहता है। ऐसे में एजेंट लातिन अमेरिकी देश में अपने क्लाइंट्स को लैंड करवाते हैं और फिर वहां से उन्हें कोलंबिया ले जाया जाता है।

पनामा के जंगलों से जान हथेली पर लेकर गुजरना होता है पनामा के जंगलों से जान हथेली पर लेकर गुजरना होता है

Dunki Drop 2: पनामा के जंगलों को पार करना

कोलंबिया में एंट्री के बाद माइग्रेंट्स को पनामा के जंगलों में घुसना होता है। लोगों को Darien Gap नाम के एक खतरनाक जंगल में से पैदल चलकर जाना होता है। गंदा पानी, जंगली जानवर और अपराधियों की खूंखार गैंग्स जैसे खतरे जान तक ले सकते हैं। लूट के अलावा बलात्कार जैसे भयानक हादसे यात्रियों के साथ हो सकते हैं।

ऐसा ही एक केस हरियाणा के जितेंद्र और उनके ग्रुप के लोगों के साथ हुआ था। जंगल पार करते वक्त उनके फोन, पैसे और कपड़े तक छीन लिए गए थे। उन्हें भारी बर्फबारी के बीच नंगे पांव सारा सफर तय करना पड़ा था। इस पूरी यात्रा में आठ से दस दिन लग जाते हैं। रास्ते में अगर माइग्रेंट की मौत हो जाती है तो उसके शव को घर वापिस भेजने का भी कोई रास्ता नहीं होता।

इसके अलावा कोलंबिया से एक सुरक्षित रास्ता भी है। इस रास्ते से पनामा के खतरनाक जंगलों से होने वाली मुश्किलों से बचा जा सकता है। ये रूट सैन आंद्रे से शुरू होता है जहां मछुआरों की नावों में बैठकर सभी यात्रियों को Fisherman Cay ले जाया जाता है। सैन आंद्रे से ये जगह 150 किमी दूर है। यहां से दूसरी नाव में बिठाकर उन्हें मेक्सिको पहंचाया जाता है।

Mexico से अमेरिका में एंट्री के लिए लेना होता है सबसे बड़ा रिस्क Mexico से अमेरिका में एंट्री के लिए लेना होता है सबसे बड़ा रिस्क

Dunki Drop 3: मेक्सिको में एंट्री

पनामा से लोग मेक्सिकों पहुंचते हैं। यहां से यूएस बॉर्डर में एंट्री के लिए Guatemala एक बड़ा को-ऑर्डिनेशन सेंटर है। इस पूरी यात्रा में सबसे मुश्किल पड़ाव मेक्सिको ही है। यहां पर माइग्रेंट्स को सरकारी एजेंसियों की पहुंच से बचना होता है। यूएस और मेक्सिको के 3,140 किमी बॉर्डर पर लोहे की तारों की फैंसिंग है जिसे माइग्रेंट्स को पार करना होता है। वहीं कुछ लोग दूसरा रास्ता अपनाते हुए Rio Grande से होकर गुजरते हैं। कई माइग्रेंट्स को बॉर्डर से जाते हुए हिरास्त में भी ले लिया जाता है। ऐसे में तारों को लांघना या समुद्र से होकर जाना उन्हें बचने में मदद करता है।

यूरोप का रास्ता

कई लोगों को लातिन अमेरिका के रास्ते कई गुना ज्यादा बेहतर यूरोप का रास्ता लगता है। यूरोप से मेक्सिको जाना ज्यादा आसान है लेकिन इस रास्ते पर सबसे ज्यादा प्रशासन की निगाहें जमी रहती हैं। इस रास्ते की खतरनाक परिस्थितियों के बाद भी गैर कानूनी प्रवास के लिए डंकी ही सबसे ज्यादा पॉपुलर है। पंजाब हरियाणा में पॉपुलैरिटी के बाद अब यूपी, हिमाचल प्रदेश और गुजरात के लोगों तक भी इसकी पॉपुलैरिटी पहुंच गई है।

लोगों तक डंकी रूट पंजाब में काम कर रही वीजा एजेंसियों के जरिए पहुंचता है। ये एजेंसियां अक्सर कई कानूनी नियमों को तोड़ती हैं। कई कानूनी दांव पेंच से रास्ता बनाते हुए इनके पास  यूरोप और कई भारतीय राज्यों में सक्रिय क्रिमिनल स्मगलिंग नेटवर्क्स होते हैं।

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करणी चीफ के शूटर ने भी डंकी रास्ता अपनाया

हाल ही में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना चीफ सुखदे सिंह गोगामेड़ी की हत्या में शामिल रोहित गोदारा ने भी भागने के लिए डंकी रूट की मदद ली। खून के बाद रोहित अमेरिका भागने में कामयाब रहा। रोहित गोदारा बीकानेर के लूनकरण का निवासी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हत्यारे ने कनाडा पहुंचने के लिए अमेरिका में डंकी रूट से ही एंट्री की। इस हिस्ट्री शीटर के खिलाफ भारत के अलग-अलग राज्यों के थानों में 32 केस रजिस्टर हैं। करणी सेना चीफ की हत्या के बाद से राजस्थान, मध्य प्रदेश और देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी है।

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