Dwarka Expressway: अगर आपको गुरुग्राम से दिल्ली से रोजाना आवाजही करना पड़ता है तो अब आपका सफर बेहद सुहाना हो जाएगा। मौजूदा समय में गुरुग्राम से दिल्ली जाने में करीब एक घंटे का समय लगता है। लोगों का जाम का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब जल्द ही लोगों को जाम से छुटकारा मिल जाएगा। दरअसल, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 मार्च 2024 को गुरुग्राम द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली से रोड शो करते हुए गुरुग्राम के सेक्टर-84 में पहुंचेंगे। फिर यहीं पर एक जनसभा को संबोधित करेंगे।
बता दें कि द्वारका एक्सप्रेसवे में महिपालपुर में शिवमूर्ति के नजदीक से लेकर गुरुग्राम में खेड़कीदौला टोल प्लाजा तक तैयार हो चुका है। अब जब उद्घाटन की तारीख भी नजदीक आ गई है। ऐसे में इसका आनंद उठाने के लिए कई लोग इंतजार में होंगे।
4 चरणों में बनकर तैयार हुआ द्वारका एक्सप्रेसवे
द्वारका एक्सप्रेसवे 29 किमी लंबा है। इसमें 19 किमी का हिस्सा गुरुग्राम में आता है। द्वारका एक्सप्रेसवे को कुल 4 चरणों में तैयार किया गया है। पहला सेक्शन महिपालपुर से बिजवासन तक बना है, जो 5.9 किलोमीटर लंबा है। इसके बाद बिजवासन रेलवे ओवरब्रिज से दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर तक बनाया गया। यह 4.2 किलोमीटर का है। फिर दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर से बसाई आरओबी तक 10.2 किलोमीटर का हिस्सा बनाया गया। आखिर में बसाई से खेड़की धौला इंटरचेंज तक 8.7 किलोमीटर का हिस्सा तैयार किया गया। गुरुग्राम के हिस्से में बने एक्सप्रेस वे के शुरू होने से सेक्टर 57 से 115 तक विकसित रिहायशी कॉलोनियों और सोसायटियों को सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही सेक्टर 81 से 115 तक का ट्रैफिक इससे होते हुए एसपीआर, सोहना या फरीदाबाद की तरफ जा सकेंगे।
द्वारका एक्सप्रेसवे की खासियत
द्वारका एक्सप्रेसवे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) की बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं में से एक है। यह पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट भी है।परियोजना के साथ रेलवे ओवरब्रिज बनाने के लिए भारतीय रेलवे और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के बीच एक समझौता हुआ है। इसके लिए एक किलोमीटर का क्षेत्र आवंटित किया गया है।
यह एक्सप्रेसवे अन्य एक्सप्रेसवे के मुकाबले बेहतर साबित होगा। इसकी वजह ये है कि इससे इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट और गुड़गांव जाना बेहद आसान हो जाएगा। को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यह 8 लेन का एक्सप्रेसवे है। एक्सप्रेसवे पर एंट्री पूरी तरह कंट्रोल में होगी। इसका इस्तेमाल सिर्फ तय किए गए एंट्री प्वाइंट से ही किया जा सकेगा।