Electric Tractors: स्कूटर और कार के बाद अब देश में जल्द ही इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर और ट्रक भी नजर आने वाले हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री (Minister of Road Transport and Highways) नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने ऐलान किया है कि भारत में जल्द ही लॉन्च किए जाएंगे। पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार वैकल्पिक ईंधन और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देगी।
उन्होंने कहा कि मुझे याद है 3 साल पहले जब मैं इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) के बारे में चर्चा करता था तो लोग इस पर सवाल उठाते थे। लेकिन अब देखिए इलेक्ट्रि वाहनों की डिमांड में तेजी आई है। इलेक्ट्रिक स्कूटर, इलेक्ट्रिक कारों और इलेक्ट्रिक बसों के बाद जल्द ही मैं इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर (Electric Tractor) और ट्रक भी लॉन्च करूंगा।
देश ऊर्जा और बिजली क्षेत्र में जरूरतों को पूरा करने के लिए 10 लाख करोड़ रुपये के पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करता है। अगले 5 सालों में इसकी मांग 25 लाख करोड़ रुपये तक जा सकती है। जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में ऑटो मोबाइल सेक्टर का कुल कारोबार 6.5 लाख करोड़ रुपये का है। जो कि साल 2025 तक यह बढ़कर 15 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। ऑटोमोबाइल प्रमुख सेक्टर में से एक है जो कि 4.5 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मुहैया कराता है। इतना ही नहीं सरकार को सबसे ज्यादा GST का भुगतान करता है। निर्यात में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की हिस्सेदारी बहुत बड़ी है। कई कंपनियां अपने प्रोडक्शन का 50 फीसदी से ज्यादा निर्यात करती हैं।
नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि निर्माण उपकरणों में भी इथेनॉल (Ethanol) को शामिल करने की कोशिश जारी है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में चीनी की मांग में बढ़ोतरी अस्थायी है। जब कच्चे तेल की कीमत 140 डॉलर प्रति बैरल तक जाती है, तो ब्राजील गन्ने से इथेनॉल का उत्पादन शुरू कर देता है। जिससे भारत से चीनी की मांग बढ़ जाती है। जब कच्चे तेल की कीमत गिरकर 70 डॉलर से 80 डॉलर प्रति बैरल हो जाती है। तब ब्राजील चीनी का उत्पादन शुरू कर देता है। उन्होंने कहा कि जब कच्चा तेल सस्ता होगा तो चीनी की कीमतों में भी भारी गिरावट आएगी।