इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली दिग्गज कंपनी टेस्ला (Tesla) के मालिक एलॉन मस्क (Elon Musk) ने इस बात पर सफाई पेश की है कि टेस्ला के शेयरों के लिए 420 डॉलर का जो भाव उन्होंने तय किया था, वह मजाक में नहीं था। ज्यूरी के सामने उन्होनें कहा कि इस काम में सऊदी अरब की सोवरेन वेल्थ फंड भी उनकी मदद के लिए गंभीर थी। मामला ये है कि करीब पांच साल पहले 2018 में टेस्ला के सभी शेयर खरीदने के लिए एक प्रस्ताव रखा था। इसके लिए उन्होंने एक शेयर का भाव 420 डॉलर तय किया था जिसे मारिजुआना के लेन-देन में कोड के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। निवेशकों का आरोप है कि मस्क के झूठे ट्वीट के चलते उन्हें करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ।
फिर 420 डॉलर से Elon Musk का क्या था मतलब
मस्क ने ज्यूरी के सामने सफाई पेश की है कि 420 को जोक के रूप में नहीं चुना गया था। उन्होंने बताया कि इसे इसलिए चुना गया था क्योंकि यह स्टॉक प्राइस से करीब 20 फीसदी प्रीमियम पर था। मस्क के वकील एलेक्स स्पाइरो ने कहा कि इन ट्वीट्स में शब्दों का चयन जरूर अजीब था लेकिन वे तनिक भी फर्जी नहीं थे। मस्क ने कहा कि उन पर फर्जीवाड़े का आरोप है जो पूरी तरह अपमानजनक है।
क्या मस्क खरीद सकते थे टेस्ला
एलॉन मस्क ने चार साल पहले वर्ष 2018 में मस्क ने दो ट्वीट किए थे जिसमें एक ट्वीट था कि टेस्ला के सारे शेयर खरीदने के लिए फंड का जुगाड़ हो गया है तो दूसरे ट्वीट में निवेशकों के सपोर्ट को कंफर्म किया गया। इन ट्वीट्स के चलते टेस्ला के शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव का माहौल बन गया और मस्क पर शेयरधारकों ने आरोप लगाया कि मस्क ने शॉर्ट सेलर्स पर दबाव बनाने के लिए ऐसा किया। मस्क ने ट्रॉयल के दौरान शॉर्ट सेलर्स को एविल यानी खराब लोग कहा। मस्क ने अपने ट्वीट्स को वापस ले लिया जब इस बात की चर्चा होने लगी कि सऊदी अरब की इंवेस्टमेंट फंड टेस्ला में हिस्सेदारी खरीदना चाहती है।
मस्क के मुताबिक उनकी चिंता ये थी कि अगर उन्हें इसकी जानकारी थी तो उन्हें प्राइवेट कंपनी के बारे में भी जरूर जानकारी होनी चाहिए। फंडिंग को लेकर मस्क ने बताया कि सऊदी अरब की सोवरेन वेल्थ फंड टेस्ला को प्राइवेट करने के प्रोजेक्ट में पूरी तरह तैयार थी और इस फंड के प्रमुख के मुताबिक सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस भी बोर्ड में थे। इसका मतलब हुआ कि यह एक तरह से डन डील थी। मस्क ने आगे कहा कि अगर सऊदी का पैसा नहीं मिलता तो भी उनके पास उस समय टेस्ला को प्राइवेट करने के लिए स्पेसएक्स के शेयर समेत पर्याप्त पूंजी थी।