दिग्गज फिनटेक प्लेटफॉर्म भारतपे (BharatPe) के पूर्व एमडी अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) और उनके परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आर्थिक मामलों की जांच एजेंसी इकनॉमिक अफेंसेज विंग (EOW) ने अश्नीर ग्रोवर, उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर के साथ उनके परिवार के सदस्यों दीपक गुप्ता, सुरेश जैन और श्वेतांक जैन के खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज की। यह एफआईआर आठ धाराओं में दर्ज है जिसमें धारा 409 (पब्लिक सर्वेंट, बैंकर, व्यापारी या एजेंट द्वारा भरोसे के आपराधिक हनन), धारा 420 (प्रॉपर्टी को लेकर बेईमानी और धोखाधड़ी), धारा 467 (कीमती सिक्योरिटीज, वसीयत इत्यादि के फर्जीवाड़े) और धारा 120बी ( आपराधिक षड्यंत्र) शामिल हैं। इसके अलावा 81 करोड़ रुपये के इस फर्जीवाड़े में ग्रोवर और उनके परिवार के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, धारा 408, धारा 468 और धारा 471 के तहत भी मामला बना है।
ग्रोवर परिवार के लिए बढ़ी मुश्किलें
भारतपे का कहना है कि एफआईआर सही दिशा में उठाया गया कदम है जिससे यह सामने आ सकेगा कि ग्रोवर परिवार ने अपने निजी आर्थिक फायदे के लिए कौन-कौन से लेन-देन किए। कंपनी के मुताबिक इस एफआईआर से अब जांच एजेंसी आपराधिक मसलों की गहराई से जांच कर सकेगी और दोषियों को सजा दिला सकेगी। कंपनी ने सभी जरूरी सहयोग देने की बात कही है। इस मामले में भारतपे को एमजेएम लीगल सलाह दे रही है। MZM Legal LLP के मैनेजिंग पार्टनर जुल्फिकार मेनन का कहना है कि ईओडब्ल्यू के पास एक विस्तृत शिकायत के बाद गहन जांच हुई और अब इस बात की खुशी है कि जांच एजेंसी ने संज्ञान लिया है और एफआईआर दर्ज कर लिया गया है।
छह महीने में अश्नीर ग्रोवर के खिलाफ पांच मामले
अश्नीर ग्रोवर के खिलाफ पिछले छह महीने में पांच मामले दर्ज हो चुके है। जनवरी 2022 में भारतपे में वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर उनके खिलाफ कानूनी मामला दर्ज हुआ और मार्च 2022 में उन्हें कंपनी छोड़नी पड़ गई। इसके बाद दिसंबर 2022 में भारतपे ने ग्रोवर और उनके परिवार के खिलाफ दिल्ली पुलिस के ईओडब्यू के पास आपराधिक मामला दर्ज कराया। यह मामला 81.8 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े, भरोसे के आपराधिक उल्लंघन, षड्यंत्र, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और सबूत नष्ट करने से जुड़ा था।
दिसंबर में ही भारतपे ने ग्रोवर और उनके परिवार से 88.67 करोड़ रुपये की रिकवरी के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में सिविल याचिका दायर की। इसने ग्रोवर के प्रतिबंधित 1.4 फीसदी हिस्सेदारी और फाउंडर का टाइटल वापस लेने के लिए सिंगापुर की आर्बिट्रेशन में याचिका दायर किया। इस साल जनवरी में भारतपे के को-फाउंडर भाविक कोलाडिया ने दिसंबर 2018 में ट्रांसफर किए गए शेयरों को वापस लेने के लिए ग्रोवर पर मुकदमा दायर किया। फिर पिछले महीने अप्रैल 2023 में कंपनी के को-फाउंडर शाश्वत नकरानी ने ग्रोवर पर अनपेड शेयरों के लिए मुकदमा दायर किया।