Gandhi Jayanti: महात्मा गांधी के इन 6 सपनों को PM मोदी कर रहे पूरा, आज तक थे अधूरे

Gandhi Jayanti: आज महात्मा गांधी की 155वीं जयंती है। आजादी की जंग में उनके योगदान को देखते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने उन्हें राष्ट्रपिता का दर्जा दिया था। गांधी जी के विचारों ने भारत को एक नैतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से समृद्ध समाज बनाने में भी अहम भूमिका निभाई है। हालांकि उनके कई सपने आज भी अधूरे हैं। अब इन सपनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरा करने में लगे हैं

अपडेटेड Oct 02, 2024 पर 11:38 AM
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Gandhi Jayanti: PM मोदी ने महात्मा गांधी के आदर्शों को ध्यान में रखते हुए 2014 में 'स्वच्छ भारत अभियान' की शुरुआत की

Gandhi Jayanti: आज महात्मा गांधी की 155वीं जयंती है। आजादी की जंग में उनके योगदान को देखते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने उन्हें राष्ट्रपिता का दर्जा दिया था। गांधी का जीवन और उनके आदर्श भारत की आत्मा में बसे हुए हैं। उनके विचारों ने भारत को सिर्फ आजादी दिलाने में ही नहीं, बल्कि नैतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से समृद्ध समाज बनाने में भी अहम भूमिका निभाई है। हालांकि गांधी के कई सपने आज भी अधूरे हैं। अब इन सपनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरा करने में लगे हैं। आइए जानते हैं, PM मोदी महात्मा गांधी के किन सपनों को साकार करने में लगे हैं।

1. स्वच्छ भारत अभियान: गांधी जी का स्वच्छता का सपना

महात्मा गांधी का मानना था कि स्वच्छता स्वतंत्रता से भी अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने जीवन में व्यक्तिगत और सामाजिक स्वच्छता पर हमेशा जोर दिया। PM मोदी ने महात्मा गांधी के इसी आदर्श को केंद्र में रखते हुए 2 अक्टूबर 2014 को 'स्वच्छ भारत अभियान' की शुरुआत की। इस अभियान का उद्देश्य पूरे देश को खुले में शौच से मुक्त करना और स्वच्छता के प्रति जनजागरुकता फैलाना था। इस अभियान के तहत सरकार ने लाखों शौचालयों का निर्माण कराया और 2019 तक भारत को खुले में शौच मुक्त (ODF) घोषित किया। यह गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम था। अब 'स्वच्छता ही सेवा' जैसे अभियानों के तहत इस प्रयास को और आगे बढ़ाया जा रहा है।

2. ग्राम स्वराज्य और आत्मनिर्भरता


गांधी जी का सबसे बड़ा सपना था एक ऐसा भारत बने, जहां हर गांव आत्मनिर्भर हो और स्वराज्य का पालन करे। PM मोदी की 'आत्मनिर्भर भारत' और 'वोकल फॉर लोकल' जैसी नीतियां इसी दिशा में हैं। उनका मानना है कि अगर देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, तो स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देना और गांवों को सशक्त बनाना बेहद जरूरी हैं। 'प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना' और 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' जैसी योजनाएं ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने में काफी मददगार साबित हो रही हैं

3. खादी और ग्रामोद्योग का पुनरुत्थान

महात्मा गांधी ने खादी और ग्रामोद्योग को आजादी की लड़ाई का प्रतीक बनाया था। उनका मानना था कि स्वदेशी वस्त्र और उत्पाद न केवल आर्थिक आजादी देंगे, बल्कि लोगों के बीच आत्मसम्मान की भावना भी पैदा करेंगे। मोदी ने इसी खादी के महत्व को समझते हुए 'खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन' का आह्वान किया। खादी को एक बार फिर से फैशन और देशभक्ति का प्रतीक बनाकर मोदी सरकार ने गांधी जी के विचारों को जीवंत करने की कोशिश की है। इन कोशिशों के चलते खादी की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है और अब इसे ग्लोबल मंचों पर भी अपनाया जा रहा है।

4. सत्य और अहिंसा के आदर्श

महात्मा गांधी के लिए सत्य और अहिंसा केवल शब्द नहीं, बल्कि जीवन के मूल सिद्धांत थे। मोदी सरकार ने भी सत्य और अहिंसा के इन मूल्यों को अपनी नीतियों में अहम स्थान दिया है। खासतौर से ग्लोबल मंचो के जरिए भारत ने पूरी दुनिया को भी शांति और अहिंसा का संदेश दिया है। रूस और यूक्रेन की जंग में मोदी सरकार ने शांति का पहल किया है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सख्त होते हुए भी ग्लोबल सरकार, मोदी सरकार की कूटनीति की विशेषता है।

5. सर्वधर्म समभाव और सामाजिक समरसता

गांधी जी का मानना था कि भारत विभिन्न धर्मों, जातियों और संस्कृतियों का संगम है, और यहां पर 'सर्वधर्म समभाव' की नीति अपनानी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस दिशा में कई प्रयास किए हैं, जैसे कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास। सरकार की योजनाएं बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लिए बनाई जाती हैं, चाहे वह 'उज्ज्वला योजना' हो या 'प्रधानमंत्री जनधन योजना', हर समुदाय को इनका लाभ मिल रहा है।

6. पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास

महात्मा गांधी का पर्यावरण के प्रति गहरा सम्मान था। उन्होंने हमेशा प्राकृतिक संसाधनों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने और संतुलित विकास की बात की। गांधी कहते थे कि इस धरती पर हर व्यक्ति की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन ये हर किसी के लालच को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए वे पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते थे। मोदी ने इसी सोच को ध्यान में रखते हुए 'अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन' और 'मिशन लाइफ' जैसे अभियानों की शुरुआत की। स्वच्छ ऊर्जा, जल संरक्षण और वृक्षारोपण पर मोदी सरकार का ध्यान, गांधी के पर्यावरणीय संतुलन के विचारों का आधुनिक संस्करण है।

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