Gangasagar Mela: कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इस बार कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने गंगासागर मेले में शामिल होने वाले तीर्थयात्रियों को कुछ शर्तें लगा दी हैं।

Gangasagar Mela: कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इस बार कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने गंगासागर मेले में शामिल होने वाले तीर्थयात्रियों को कुछ शर्तें लगा दी हैं।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि गंगासागर मेले में सिर्फ वही लोग जा सकते हैं, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले ली है। कोर्ट ने कहा है कि मेले में प्रवेश के लिए उन्हें दोनों डोज लिए होने का सर्टिफिकेट दिखाना होगा।
वहीं हाईकोर्ट ने ये भी कहा कि नेगेटिव RT-PCR रिपोर्ट वाले लोगों को भी मेले में जाने की अनुमति दी जाएगी। यह रिपोर्ट 72 घंटे से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए। इस बीच कोलकाता नगर निगम (Kolkata Municipal Corporation) मेले में आने वाले तीर्थयात्रियों और साधुओं के लिए एक अनिवार्य रैपिड एंटीजन टेस्ट (rapid antigen test) कर रहा है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब कोलकाता में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। पश्चिम बंगाल में सोमवार को 19,286 नए मामले सामने आए है। राज्य में कुल कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 17,74,332 हो गई है। राज्य में पॉजिटिविटी रेट 37.32 फीसदी है। राज्य में अब तक 16,65,221 मरीज ठीक हो चुके हैं।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में मकर संक्रांति के अवसर पर 9 दिनों तक गंगासागर मेले का आयोजन किया जाता है। यह मेला 8 जनवरी से शुरू हो चुका है और 16 जनवरी तक चलेगा। इस मौके पर हजारों तीर्थयात्री, और पर्यटक आयोजन में हिस्सा लेने दूर-दूर से आते हैं। वे गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम में पवित्र डुबकी लगाते हैं। यहां डुबकी को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं हैं। यह स्थान हिंदू धर्म में सबसे पवित्र स्थानों में से एक है। यहां हर साल लाखों तीर्थयात्री आते हैं। द्वीप तक पहुंचने के लिए लोग नाव का सहारा लेते हैं। यहां लोग स्नान करते हैं। फिर इसके बाद यहां के कई पुराने मंदिरों में पूजा करने जाते हैं।
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