उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक अनोखा मामला सामने आया है जहां दो महिलाओं ने सामाजिक परंपराओं को तोड़ते हुए अपने लिए एक नई राह चुनी। कविता और गुंजा (उर्फ बबलू) ने अपने शराबी और हिंसक पतियों से छुटकारा पाकर एक-दूसरे से शादी कर ली। यह विवाह 23 जनवरी को देवरिया के प्रसिद्ध शिव मंदिर में संपन्न हुआ जिसमें गुंजा ने दूल्हे की भूमिका निभाई और कविता को सिंदूर लगाकर सात फेरे लिए।दोनों महिलाओं की यह अनोखी शादी इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। कविता और गुंजा ने बताया कि उनकी मुलाकात पांच साल पहले सोशल मीडिया पर हुई थी।
अपने-अपने पतियों से परेशान होकर दोनों ने एक-दूसरे का सहारा बनते हुए एक नया जीवन शुरू करने का फैसला किया। इस विवाह ने घरेलू हिंसा और परंपरागत सोच के खिलाफ एक साहसिक उदाहरण पेश किया है।
मंदिर में हुआ विवाह समारोह
गुंजा ने दूल्हे की भूमिका निभाई और कविता को सिंदूर लगाया। दोनों ने सात फेरे लेकर जीवनभर साथ निभाने की कसमें खाईं। इस अनोखी शादी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बन गई।
सोशल मीडिया से शुरू हुई दोस्ती
कविता और गुंजा पहली बार इंस्टाग्राम पर मिली थीं। दोनों की परिस्थितियां समान थीं जिससे वे एक-दूसरे के करीब आ गईं। शादी के बाद उन्हें अपने शराबी पतियों के हाथों घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा जिसके चलते उन्होंने उनसे अलग होने का फैसला किया।
पांच साल में गहरी हुई दोस्ती
पति से अलग होने के बाद दोनों सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने लगीं और धीरे-धीरे उनकी दोस्ती गहरी हो गई। अपने दर्द और समस्याओं को साझा करते हुए उन्होंने एक-दूसरे का सहारा बनना शुरू कर दिया। उनकी करीबी इतनी बढ़ गई कि वे एक-दूसरे के बिना रहने की कल्पना भी नहीं कर सकती थीं।
प्रेम और शांति के लिए लिया बड़ा फैसला
गुंजा ने कहा, "हम अपने शराबी पतियों के दुर्व्यवहार से परेशान हो चुके थे। हमने शांति और प्रेम से भरा जीवन चुनने का फैसला किया। अब हम गोरखपुर में एक जोड़े के रूप में साथ रहेंगे और अपना जीवनयापन करेंगे।"
पुजारी ने बताया अनुष्ठान का विवरण
मंदिर के पुजारी उमा शंकर पांडे के मुताबिक महिलाओं ने माला और सिंदूर खरीदा और अनुष्ठान के जरिए शादी की रस्में पूरी की। अब यह शादी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।