Hijab Ban: मुंबई के कॉलेज में मुस्लिम छात्राओं के हिजाब और बुर्का पहनने पर बैन, हंगामे के बाद क्लास में मिली एंट्री

Hijab Ban: कॉलेज की प्रिंसिपल विद्या गौरी लेले ने बताया कि कॉलेज ने इसी साल नया ड्रेस कोड लागू किया है। इससे संबंधित नियमों को मई महीने में छात्रों और उनके पैरेंट्स को बता दिया गया था। उन्होंने कहा कि जिस किसी को भी ड्रेस कोड स्वीकार्य नहीं है, वह कॉलेज छोड़ सकता है। उन्होंने कहा कि 1 मई को हमने पैरेंट्स के साथ मीटिंग करके नई ड्रेस कोड पॉलिसी पर चर्चा की थी। हमने उन्हें हर चीज के बारे में साफ-साफ बताया था

अपडेटेड Aug 03, 2023 पर 1:39 PM
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Hijab Ban in Mumbai College: यह मामला मुंबई के चेंबूर इलाके के एनजी आचार्य एंड डीके मराठा कॉलेज का है

Hijab Ban in Mumbai College: कर्नाटक के बाद अब मुंबई के एक कॉलेज में मुस्लिम छात्राओं के हिजाब और बुर्का पहनने पर बैन को लेकर से विवाद शुरु हो गया है। मुंबई के एक कॉलेज में मुस्लिम छात्राएं बुर्का पहनकर पहुंच गईं। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने उन्हें कॉलेज परिसर में घुसने से रोक दिया। बाद में छात्राओं के परिजनों के हंगामे और पुलिस प्रशासन द्वारा समझाने के बाद उन्हें परिसर में घुसने की इजाजत दी गई। यह मामला मुंबई के चेंबूर इलाके के एनजी आचार्य एंड डीके मराठा कॉलेज (NG Acharya and DK Marathe College in Mumbai) का है। कॉलेज ने यूनिफॉर्म पॉलिसी लागू करते हुए बुर्का या हिजाब पहनकर आने पर बैन लगा दिया था।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि चेंबूर में स्थित कॉलेज के सुरक्षाकर्मियों ने छात्राओं को एंट्री करने से पहले अपना बुर्का उतारने को कहा, क्योंकि कॉलेज की अपनी यूनिफॉर्म है। उन्होंने बताया कि सुरक्षाकर्मियों के एंट्री देने से मना करने पर विवाद पैदा हो गया, जिसके बाद लड़कियों के माता-पिता भी कॉलेज पहुंच गए। उन्होंने गेट के बाहर के दृश्यों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे।

मामला बढ़ने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्राओं के परिजनों एवं कॉलेज प्राधिकारियों के साथ मुद्दे पर चर्चा की। सूत्रों ने News18 को बताया कि मामला विवाद में बदलने के बाद कॉलेज प्रशासन बुर्का और हिजाब पर प्रतिबंध लगाने के अपने फैसले को रद्द कर सकता है।


पुलिस का बयान

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने News18 को बताया कि बिना यूनिफॉर्म पहने पहुंचे दर्जनों छात्रों को कॉलेज में प्रवेश करने से रोक दिया गया। इसका हिजाब या बुर्के से कोई लेना-देना नहीं है। मामले में अब तक कोई पुलिस शिकायत नहीं हुई है।

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कॉलेज में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले कुछ छात्रों ने मंगलवार को दावा किया कि उन्हें कॉलेज में प्रवेश करने और शौचालय तक जाने की अनुमति नहीं थी, जहां वे अपनी यूनिफॉर्म बदलते थे। 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने News18 को बताया, "हम अपने हिजाब या दुपट्टे के बिना कैसे आ सकते हैं? हम सार्वजनिक रूप से अपना सिर नहीं दिखा सकते। यह हमारे धर्म के खिलाफ है।"

कॉलेज की सफाई

कॉलेज की प्रिंसिपल विद्या गौरी लेले ने बताया कि कॉलेज ने इसी साल नया ड्रेस कोड लागू किया है। इससे संबंधित नियमों को मई महीने में छात्रों और उनके पैरेंट्स को बता दिया गया था। उन्होंने कहा कि जिस किसी को भी ड्रेस कोड स्वीकार्य नहीं है, वह कॉलेज छोड़ सकता है। DNAIndia.com के मुताबिक, उन्होंने कहा, 'एक मई को हमने पैरेंट्स के साथ मीटिंग करके नई ड्रेस कोड पॉलिसी पर चर्चा की थी। हमने उन्हें हर चीज के बारे में साफ-साफ बताया था। उनसे यह भी कहा था कि बुर्का, हिजाब, स्कार्फ और स्टिकर पहनकर आने पर बैन लगाया जा रहा है। उस समय सभी लोग ड्रेस कोड से सहमत थे, लेकिन अब ये लोग विरोध-प्रदर्शन पर उतर आए हैं।'

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