Holi 2025: होली के रंगों में घुल जाए सफर की मस्ती, दिल्ली के पास इन जगहों पर करें धमाल

Holi 2025: रंगों और उमंग का त्योहार होली इस साल 14 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार लॉन्ग वीकेंड का मौका मिल रहा है, जिससे आप होली को सिर्फ घर तक सीमित न रखकर कहीं घूमने का प्लान भी बना सकते हैं। पुष्कर, मथुरा, वाराणसी, उदयपुर और मंडावा जैसी जगहों पर होली का जश्न बेहद खास अंदाज में मनाया जाता है

अपडेटेड Mar 10, 2025 पर 9:54 AM
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Holi 2025; राजस्थान का पुष्कर शहर दुनिया के एकमात्र ब्रह्मा मंदिर के लिए मशहूर है।

रंगों और खुशियों से भरा होली का त्योहार इस साल 14 मार्च को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा। ये साल का पहला बड़ा फेस्टिवल होता है, जिसका इंतजार हर कोई बेसब्री से करता है। गलियों में उड़ता गुलाल, ढोल-नगाड़ों की धुन, और गुझिया की मिठास – होली का हर रंग अपने आप में खास होता है। इस बार होली पर लॉन्ग वीकेंड मिल रहा है, जो घूमने-फिरने के लिए बेहतरीन मौका हो सकता है। अगर आप चाहते हैं कि इस साल आपकी होली सिर्फ घर तक सीमित न रहे, तो बैग पैक करिए और निकल पड़िए उन जगहों की ओर जहां होली का जश्न अद्भुत तरीके से मनाया जाता है। दिल्ली से 10 घंटे के अंदर आप पुष्कर, मथुरा, वाराणसी, उदयपुर और मंडावा जैसी खूबसूरत जगहों पर जाकर अपनी होली को और भी यादगार बना सकते हैं।

पुष्कर – ब्रह्मा नगरी में रंगों की होली

राजस्थान का पुष्कर शहर दुनिया के एकमात्र ब्रह्मा मंदिर के लिए मशहूर है, लेकिन यहां की होली भी देखने लायक होती है। दिल्ली से करीब 400 किलोमीटर दूर ये शहर होली सेलिब्रेशन के लिए शानदार जगह है। पुष्कर में हर साल सैकड़ों विदेशी पर्यटक भी होली मनाने आते हैं। यहां आप लोक संगीत, गुलाल और रंगों से भरी मस्ती का लुत्फ उठा सकते हैं।


मथुरा कान्हा की नगरी में अनोखी होली

भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा होली के लिए भारत की सबसे प्रसिद्ध जगहों में से एक है। होली के दौरान यहां की गलियां और मंदिर रंगों में सराबोर हो जाते हैं। विशेष रूप से बरसाना और नंदगांव की लट्ठमार होली और फूलों की होली दुनियाभर में मशहूर है। अगर आप होली को असली भारतीय अंदाज में मनाना चाहते हैं, तो मथुरा आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है।

मंडावा – रॉयल स्टाइल में होली का आनंद

राजस्थान का ये शाही शहर अपनी शानदार हवेलियों और अनूठी संस्कृति के लिए जाना जाता है। मंडावा में होली खेलने का तरीका थोड़ा अलग है – यहां सिर्फ सूखा गुलाल लगाया जाता है, पानी या पक्के रंगों का उपयोग नहीं किया जाता। इसके अलावा, यहां ढोल-ताशों के साथ पारंपरिक अंदाज में होली मनाई जाती है।

वाराणसी – गंगा घाट पर रंगों का महोत्सव

मथुरा-वृंदावन के बाद वाराणसी की होली दुनिया भर में मशहूर है। गंगा किनारे बने सैकड़ों घाटों पर जब गुलाल उड़ता है, तो नजारा देखने लायक होता है। यहां ठंडाई, संगीत और भक्ति रस में डूबी होली का एक अलग ही मजा है। अगर आप किसी धार्मिक जगह पर होली का आनंद लेना चाहते हैं, तो काशी से बेहतर कुछ नहीं हो सकता।

उदयपुर झीलों के बीच राजसी होली

अगर आप होली को राजसी अंदाज में मनाना चाहते हैं, तो उदयपुर आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है। अरावली की पहाड़ियों और खूबसूरत झीलों से घिरे इस शहर में होली का अलग ही माहौल होता है। यहां के राजमहल में शाही होली का आयोजन किया जाता है, जहां पारंपरिक ढंग से होली मनाई जाती है।

अगर आप इस होली लॉन्ग वीकेंड में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इन पांच जगहों में से किसी एक का चुनाव करें। यहां का अनोखा होली सेलिब्रेशन आपको जिंदगी भर याद रहेगा। तो देर मत कीजिए, अपनी ट्रिप प्लान कीजिए और होली के रंगों में डूबने के लिए तैयार हो जाइए।

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