Holi 2025: होली में लगाए प्राकृतिक रंगों का तड़का, घर पर बनाएं आसानी से हर्बल कलर्स
Holi 2025: इस होली को केमिकल-फ्री और सुरक्षित बनाने के लिए नैचरल रंगों का इस्तेमाल करें। चुकंदर से लाल, हल्दी और गेंदे से पीला, पालक-मेथी से हरा, गुलाब से गुलाबी और टेसू के फूलों से लाल रंग तैयार करें। घर पर बने रंग स्किन-फ्रेंडली होते हैं और त्योहार को खुशहाल बनाते हैं। इस बार होली नैचरल रंगों संग खेलें
Holi 2025: होली का काउंटडाउन शुरू! घर पर बनाएं नैचरल रंग और खेलें सुरक्षित होली
होली खुशियों, उमंग और रंगों का त्योहार है, लेकिन केमिकल युक्त रंग त्वचा और बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में घर पर बने नैचरल रंगों का इस्तेमाल सबसे सुरक्षित और बेहतरीन विकल्प है। ये रंग न केवल स्किन फ्रेंडली होते हैं, बल्कि त्योहार के मजे को भी दोगुना कर देते हैं। अगर आप लाल रंग बनाना चाहते हैं, तो चुकंदर को काटकर सुखा लें और इसे पीसकर पाउडर बना लें या फिर इसका जूस निकालकर इस्तेमाल करें। पीला रंग बनाने के लिए हल्दी पाउडर या गेंदे के फूलों का इस्तेमाल करें।
कई लोग रंगों के साइड इफेक्ट्स से बचने के लिए होली खेलने से कतराते हैं। लेकिन अब चिंता की कोई बात नहीं। आप खुद घर पर ही ऐसे रंग बना सकते हैं, जो ना सिर्फ स्किन-फ्रेंडली हैं बल्कि होली के जश्न को और भी मजेदार बना देंगे।
सबसे गाढ़े और टिकाऊ नैचरल रंग
अगर आपको लगता है कि केवल केमिकल रंग ही ज्यादा देर तक टिकते हैं, तो आप गलत सोच रहे हैं। नैचरल रंग भी उतने ही गाढ़े और लंबे समय तक टिकने वाले होते हैं। इसके लिए आप चुकंदर और कच्ची हल्दी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
लाल और मरून रंग: चुकंदर को पीसकर पेस्ट बना लें और इसे रंग के तौर पर इस्तेमाल करें। अगर सूखा रंग बनाना हो, तो चुकंदर की स्लाइस काटकर सुखा लें और पाउडर बना लें।
गाढ़ा पीला रंग: हल्दी का पेस्ट बनाकर इसे पानी में मिलाएं और इस्तेमाल करें। ये रंग आसानी से नहीं छूटता और दो-तीन बार नहाने के बाद ही पूरी तरह निकलता है।
गाजर से बनाएं गुलाल
अगर होली गुलाल के बिना अधूरी लगती है, तो आप बाजार के केमिकल गुलाल की जगह घर पर गाजर से नैचरल गुलाल बना सकते हैं।
गाजर को कद्दूकस कर लें या जूसर में इसका रस निकाल लें।
बचा हुआ गूदा छाया में सुखा लें और फिर उसे मसलकर बारीक चूर्ण बना लें।
इसमें थोड़ा-सा टैलकम पाउडर मिलाएं और आपका होममेड नैचरल गुलाल तैयार है।
पालक और मेथी से हरा रंग
अगर आप गहरा हरा रंग चाहते हैं, तो पालक और मेथी से बना रंग सबसे अच्छा विकल्प है।
पालक और मेथी के पत्तों को पीसकर पेस्ट बना लें।
इसमें थोड़ा पानी मिलाकर इसे गीले रंग के रूप में इस्तेमाल करें।
ये रंग बालों और स्किन के लिए बिल्कुल सुरक्षित रहेगा।
टेसू के फूलों से लाल रंग
टेसू के फूल फरवरी-मार्च के महीने में आसानी से मिल जाते हैं। इनसे आप बेहतरीन नैचरल लाल रंग तैयार कर सकते हैं।
टेसू के फूलों को छाया में सुखा लें और फिर मिक्सी में पीसकर पाउडर बना लें।
अगर गीला रंग बनाना हो, तो होली से एक रात पहले इन फूलों को पानी में भिगो दें।
सुबह इन्हें मसल दें और आपके लिए नैचरल रेड कलर तैयार हो जाएगा।
गुलाब की पंखुड़ियों से गुलाबी रंग
अगर आप खूबसूरत गुलाबी रंग से होली खेलना चाहते हैं, तो इसके लिए लाल गुलाब की पंखुड़ियों का इस्तेमाल करें।
गुलाब की पंखुड़ियों को छाया में सुखा लें।
इन्हें मिक्सी में पीसकर पाउडर बना लें और होली से एक दिन पहले तैयार कर लें।
इसमें पानी मिलाकर इसे गीले रंग की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
गेंदे और हल्दी से चमकदार पीला रंग
अगर आप सुनहरा पीला रंग चाहते हैं, तो गेंदे के फूल और हल्दी सबसे अच्छा विकल्प हैं।
सूखा रंग बनाने के लिए गेंदे के फूलों को छाया में सुखाकर पीस लें।
गीला रंग बनाने के लिए कच्ची हल्दी को पानी में उबाल लें और फिर उसका उपयोग करें।
सफेद गुलाल का ऑप्शन भी मौजूद
अगर आपको सफेद गुलाल चाहिए, तो आप इसे भी घर पर तैयार कर सकते हैं।
इससे एकदम मुलायम और सुरक्षित सफेद गुलाल तैयार हो जाएगा।
फूलों को सही तरीके से सुखाएं
फूलों से रंग बनाने के लिए उन्हें सही तरीके से सुखाना जरूरी है।
फूलों को प्लास्टिक बैग में बंद करके न रखें, इससे फंगस लग सकती है।
इन्हें कॉटन के कपड़े या कागज पर बिछाकर सुखाएं और हल्के कपड़े से ढक दें।
ध्यान रहे कि इन्हें धूप में न सुखाएं, वरना इनका रंग फीका पड़ सकता है।
होली के रंग, प्यार के संग
होली सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि खुशियों और रिश्तों को करीब लाने का त्योहार भी है। जब आप अपने हाथों से बनाए गए नैचरल रंगों से अपनों को रंगेंगे, तो त्योहार का आनंद और भी बढ़ जाएगा। इस बार कैमिकल रंगों से बचें और नैचरल रंगों के साथ होली को यादगार बनाएं।