केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि ये उत्सव है प्रेम, उल्लास और भाईचारे का। हर साल फाल्गुन पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला ये पर्व लोगों के जीवन में नई उमंग और ऊर्जा भर देता है। रंगों से सराबोर ये त्योहार समाज में हर तरह के भेदभाव को मिटाकर समानता संदेश देता है। इस दिन चारों ओर खुशियों की बौछार होती है, जब लोग गुलाल उड़ाकर, रंगों से खेलकर और मिठाइयों का आदान-प्रदान कर एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं। होली की शुरुआत होलिका दहन से होती है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। अगले दिन धुलेंडी पर रंगों की बरसात होती है, जहां हर कोई मस्ती और हंसी-ठिठोली में डूब जाता है।
