Karnataka IAS vs IPS: कर्नाटक (Karnataka) में रविवार को उस वक्त बड़ा भूचाल आ गया, जब IPS अधिकारी डी. रूपा (D. Roopa) और IAS अधिकारी रोहिणी सिंधुरी (Rohini Sindhuri) का टकराव सोशल मीडिया पर खुलकर लोगों के सामने आ गया। दोनों सीनियर महिला IAS और IPS अधिकारियों की लड़ाई ने इतना बड़ा रूप ले लिया है कि राज्य के गृह मंत्री को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। सोशल मीडिया पर विवाद के बाद अब दोनों महिला अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया है। न्यूज 18 के मुताबिक, दोनों महिला अधिकारियों का बिना कहीं पोस्टिंग के ट्रांसफर (transferred without posting) कर दिया गया है।
एक दिन बाद दोनों ने राज्य के मुख्य सचिव से एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत की थी। रूपा भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की, जबकि सिंधुरी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की अधिकारी हैं। IPS अधिकारी डी. रूपा ने IAS अधिकारी रोहिणी सिंधुरी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों को महिला अधिकारी ने सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है, जिसके बाद दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया।
गृह मंत्री ने दी थी चेतावनी
महिला अधिकारियों के सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के खिलाफ टीका-टिप्पणी करने पर राज्य के गृह मंत्री अरगा ज्ञानेंद्र ने उनके आचरण पर सोमवार को नाराजगी जताई और सिविल सेवा संबंधी नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। मंत्री कर्नाटक राज्य हस्तशिल्प विकास निगम की प्रबंध निदेशक डी. रूपा और मुजराई विभाग आयुक्त रोहिणी सिंधुरी के बीच हुई तकरार का संदर्भ दे रहे थे।
पीटीआई के मुताबिक, ज्ञानेंद्र ने कहा कि हम चुप नहीं बैठे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वे दोनों इतना बुरा व्यवहार कर रही हैं, जैसा कोई आम आदमी भी सड़क पर नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि चाहे उनके जो कुछ भी व्यक्तिगत मुद्दे हों, लेकिन (मामले का) मीडिया के सामने आना और इस तरह का व्यवहार करना सही नहीं है।
मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि लोग आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को बहुत ही सम्मान की नजरों से देखते हैं। लेकिन उनके (दोनों अधिकारी) व्यवहार और आचरण को देख कर ऐसा लगता है कि वे सिविल सेवा अधिकारियों का असम्मान और अपमान करा रही हैं।
रूपा ने सोशल मीडिया पर सिंधुरी पर कई गलत कार्यों में लिप्त होने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने व्यक्तिगत टिप्पणी भी करते हुए सिंधुरी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। साथ ही, उनकी निजी तस्वीरें जारी करते हुए आरोप लगाया कि इसे उन्होंने कुछ पुरुष अधिकारियों के साथ साझा किया था। वहीं, आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए सिंधुरी ने कहा कि एक जिम्मेदार पद पर आसीन रूपा उनके खिलाफ व्यक्तिगत नफरत की भावना से इस तरह की टिप्पणियां कर रही हैं और ऐसा व्यवहार कर रही हैं जैसे कि उन्होंने अपना मानसिक संतुलन खो दिया हो।
दोनों अधिकारियों ने एक-दूसरे पर सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है और इसे उन्होंने उपयुक्त अधिकारियों के संज्ञान में लाया है। सिंधुरी ने कहा है कि वह रूपा के खिलाफ कानूनी और अन्य कार्रवाई करेंगी। ज्ञानेंद्र ने अधिकारियों के आचरण नियमों से आबद्ध रहने का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व में भी उन्हें चेतावनी दी जा चुकी है और वे ऐसा करना छोड़ नहीं रही हैं। ऐसे में सरकार सख्त कार्रवाई पर विचार करेगी।
मंत्री ने कहा कि उन्होंने कुछ मंत्रियों और सरकार के नाम लिए हैं। मुख्यमंत्री इन सब बातों से अवगत हैं और वह एक सख्त निर्णय लेंगे। आईएएनएस के मुताबिक, कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग (DPAR) ने अधिकारियों से कहा है कि वे मीडिया के पास न जाएं और न ही एक-दूसरे के खिलाफ सोशल मीडिया पर कुछ भी साझा करें। अंडर सेक्रेटरी जेम्स तारकन ने नोटिस जारी कर उन्हें नियमों का उल्लंघन करने की चेतावनी दी है।