देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार 15 अगस्त को लगातार 11वीं बार लाल किले पर तिरंगा फहराएंगे। इसके बाद वो देश को संबोधित करेंगे। इसके बाद वो लगातार 11 बार लाल किले से भाषण देने वाले देश के तीसरे प्रधानमंत्री बन जाएंगे। इससे पहले जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने यह उपलब्धि हासिल की थी। नरेंद्र मोदी ने 9 जून को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर नेहरू के तीन कार्यकाल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी। पीएम मोदी 15 अगस्त को सुबह 7.33 बजे देश वासियों को संबोधित करेंगे। इसस पहले पीएम मोदी सुबह 7.30 बजे ध्वजारोहण करेंगे।
बता दें कि हर साल 15 अगस्त को भारत में आजादी का जश्न मनाया जाता है। भारत को 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से आजादी मिली थी। पीएम मोदी अपनी तीसरी पारी की शुरुआत में सरकार की प्राथमिकताएं देश के सामने रख सकते हैं। भारत को विकसित देश बनाने का रोड मैप के बारे में भी बता सकते हैं। इस स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी के ख़ास मेहमान लाल क़िले पर मौजूद रहेंगे।
स्वतंत्रता दिवस 2024 की क्या है थीम
15 अगस्त 1947 के दिन ही भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली थी। 78वां स्वतंत्रता दिवस गुरुवार 15 अगस्त को मनाया जाएगा। इस साल की थीम 'विकसित भारत' (Viksit Bharat) रखी गई है। यह साल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है। 2047 में भारत की आजादी के 100 साल पूरे होंगे। भारत सरकार का लक्ष्य भी आजादी के 100 साल पूरे होने तक देश को विकसित राष्ट्र बनाना है। दिल्ली में इस समारोह में पीएम मोदी के अलावा सभी केंद्रीय मंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस समेत कई लोगों को निमंत्रण मौजूद होते हैं। दिल्ली के सीएम और विपक्ष के भी नेताओं को निमंत्रण भेजा जाता है।
सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड भी दर्ज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम स्वतंत्रता दिवस पर सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। उनके भाषणों की औसत अवधि 82 मिनट की रही है। यह भारत के इतिहास में किसी भी प्रधानमंत्री से अधिक है। पूर्व प्रधानमंत्री आई के गुजराल 71 मिनट के औसत के साथ दूसरे स्थान पर हैं। यह आंकड़ा उनके 1997 में दिए गए एकमात्र भाषण पर आधारित है। मोदी के भाषणों की अवधि अलग-अलग रही है। 2017 में उनका सबसे छोटा भाषण 55 मिनट का था। जबकि 2016 में उनका सबसे लंबा भाषण 94 मिनट का था। 1947 में नेहरू का पहला भाषण केवल 24 मिनट का था। मोदी से पहले इंदिरा गांधी के नाम सबसे लंबे भाषण का रिकॉर्ड था। उन्होंने 1972 में 54 मिनट का भाषण दिया था।