अगर आप जॉब करते हैं तो आपका ऑफिस घर से कितनी दूर है? 10-15 या 20 किलोमीटर? सोचिए, अगर आप दिल्ली में रहते हैं और ऑफिस 1000 किमी दूर चेन्नई में हो तो रोजाना ऑफिस कैसे जाएंगे? दिल्ली से रोजाना चेन्नई के लिए प्लेन से अप-डाउन तो नहीं ही करेंगे। लेकिन, क्या आपने रोजाना के ट्रैवल के लिए कभी प्लेन की इस्तेमाल करने की बात सुनी है। भारतीय मूल की एक महिला रोजना अपने ऑफिस जाने के लिए प्लेन का इस्तेमाल करती है। ये महिला रोज 600 किलोमीटर ट्रैवल करती है। ये कोई फिल्मी कहानी नहीं बल्कि मलेशिया (Malaysia) में रहने वाली भारतीय मूल की एक महिला रेचेल कौर की।
रोजाना प्लेन से ऑफिस जाती है ये महिला
मलेशिया में रहने वाली रेचल कौर (Racheal Kaur) एक एयरलाइन कंपनी एयरएशिया में फाइनेंस ऑपरेशंस की असिस्टेंट मैनेजर हैं। रेचल, दो बच्चों की मां हैं और अपने वर्क लाइफ बैलेंस को बनाए रखने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया है। सीएनए को दिए अपने इंटरव्यू में रेचल ने बताया है कि उनका घर पिनांग (Penang) में है, लेकिन उनका ऑफिस कुआलालंपुर (Kuala Lumpur) में स्थित है। रोज ऑफिस जाने के लिए वह सुबह 4 बजे उठती हैं, 5 बजे घर से निकलती हैं और 6:30 बजे की फ्लाइट पकड़ती हैं। लगभग 600 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद वह सुबह 7:45 बजे ऑफिस पहुंचती हैं। इस वजह से उन्हें 'सुपर कम्यूटर' कहकर लोग बुलाते हैं।
रचेल ने बताया कि वह यह तरीका अपनाती हैं ताकि अपने प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ को बैलेंस कर सकें और बच्चों के साथ ज्यादा समय बिता सकें। उनका कहना है कि, उनका ये तरीका ऑफिस के पास घर लेने से काफी सस्ता है। बता दें कि रचेल के दो बच्चे हैं, एक 12 साल का बेटा और एक 11 साल की बेटी। वह मानती हैं कि बच्चों के बड़े होने के साथ, माँ का बच्चों के पास रहना बहुत ज़रूरी है। इसी कारण से वह रोज़ पेनांग से कुआलालंपुर उड़ान भरती हैं, जिससे उन्हें बच्चों के साथ रात को समय बिताने का मौका मिलता है। पहले, वह कुआलालंपुर में एक घर किराए पर लेकर सप्ताह में केवल एक बार पेनांग लौटती थीं। लेकिन अब वह अपनी नई रूटीन से अपने परिवार के पास ज्यादा समय बिता पा रही हैं।
रचेल का दिन सुबह 4:00 बजे शुरू होता है। वह सुबह 5:00 बजे तक हवाई अड्डे के लिए निकल जाती हैं और 5:55 बजे की उड़ान पकड़ने के बाद, 7:45 बजे तक ऑफिस पहुंच जाती हैं। पूरा दिन ऑफिस में बिताने के बाद, वह शाम 8:00 बजे घर लौटती हैं।
रेचेल रोज आने-जाने के लिए 11 यूएस डॉलर खर्च करती हैं। हालांकि रेचेल रोज आने जाने के बावजूद भी पहले की तुलना में कम पैसे खर्च कर रही हैं. उनके अनुसार, कुआलालंपुर में रहने के दौरान उन्हें किराए के रूप में महीन के 340 अमेरिकी डॉलर खर्च करने पड़ते थे लेकिन अब आने-जाने पर उनको सिर्फ 226 अमेरिकी डॉलर खर्च करने पड़ते हैं.लेकिन घर से रोज आने-जाने के कारण भोजन का खर्च भी कम हो गया है और यह महीने का 68 अमेरिकी डॉलर हो गया है, पहले उन्हें 135 डॉलर खर्च करने पड़ते थे।