Jharkhand: रांची रेलवे स्टेशन से सिर्फ 20 किमी की दूरी पर एक ऐसा रेलवे स्टेशन है, जो पिछले ढाई साल से अपनी पहचान खोता नजर आ रहा है। कभी इस स्टेशन में हमेशा चहल पहल रहती थी। आज यह वीरान हो गया है। इस स्टेशन को देखकर ऐसा लगता है कि इंडियन रेलवे के पास ट्रेनों का अकाल पड़ गया है। ट्रेनों की आवाजाही नहीं होने के चलते करीब ढाई साल से इस स्टेशन पर किसी भी यात्री ने कदम नहीं रखा। रांची डिवीजन का यह मेसरा (Mesra) स्टेशन है।
मेसरा स्टेशन क्यों है वीरान?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ साल पहले इस स्टेशन से ट्रेनों की आवाजाही शुरू हुई थी। इसके बाद कोरोना वायरस महामारी पूरी दुनिया में फैल गई। जिसके बाद लॉकडाउन लग गया। लॉकडाउन के समय सबको याद होगा कि ट्रेन का पहिया भी जाम हो गया था। ऐसे में यहां से ट्रेनों की आवाजाही बंद हो गई। लॉकडाउन खत्म हो गया। ट्रेनों का दोबारा आवागमन शुरू हो गया है। लेकिन रांची का मेसरा स्टेशन अभी तक ट्रेनों की आवाजाही का इंतजार कर रहा है। ऐसे में जब ट्रेनें नहीं आएंगी तो आखिर यात्री भी स्टेशन में क्यों आएंगे?
स्टेशन पर यात्रियों की जगह जानवरों का अड्डा
करोड़ों रुपये की लागत से बना यह स्टेशन आज धूल फांक रहा है। पूछताछ केंद्र जहां रेलवे के कर्मचारी बैठते हैं। अब वह जानवरों का अड्डा बन गया है। स्टेशन के चारो तरफ घास उग आई है। पूरी बिल्डिंग में मकड़ी का जाल लगा हुआ है। कई खिड़कियां भी टूट गई हैं। प्लेटफॉर्म बच्चों के लिए खेल का मैदान हो गया है। जहां आराम से बच्चे साइकिल चलाते हैं। बॉल खेलते नजर आ जाएंगे।
जल्द ही यात्रियों को मिलेगी सुविधा
वहीं इस पूरे मामले में धनबाद रेल मंडल के सीनियर डीसीएम अमरेश कुमार का कहना है कि ट्रेन का ऑपरेशन शुरू नहीं हुआ है। सांकी से सिदेश्वर के बीच रेलवे लाइन के निर्माण का काम चल रहा है। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद कुछ ही महीनों में यात्रियों को इसकी सुविधा मिलने लगेगी।