जल्द उपलब्ध होगा भारत का अपना AI मॉडल, DeepSeek, ChatGPT और Gemini को देगा टक्कर

इस मिशन के लिए जियो प्लेटफॉर्म, टाटा कॉम, ओरिएंट टेक, Yotta कॉम जैसी कंपनियों GPUs देंगी। फाउंडेशनल मॉडल के लिए आवेदन मंगाने शुरू हो गए हैं

अपडेटेड Jan 30, 2025 पर 1:50 PM
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DeepSeek से सुरक्षा पर होने वाले खतरे पर सरकार गंभीर है

Indias own AI model : 8 से 10 महीने में भारत का अपना  जेनरेटिव AI मॉडल उपलब्ध होगा। आज IT मंत्री अश्विनी वैश्नव ने इसका ऐलान किया है। इसके लिए करीब 10 कंपनियां सरकार ने शॉर्टलिस्ट भी कर दी हैं। इस पर ज्यादा डिटेल जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के असीम मनचंदा ने कहा कि भारत का AI मॉडल जल्द लॉन्च हो सकता है। भारत का अपना AI मॉडल 8-10 महीने में उपलब्ध होगा। ये DeepSeek, ChatGPT और Gemini को टक्कर देगा। सरकार के पास अब 15,000 से ज्यादा हाई एंड GPU मौजूद हैं। इसके लिए करीब 10 कंपनियां शॉर्टलिस्ट हुई हैं।

इस मिशन के लिए जियो प्लेटफॉर्म, टाटा कॉम, ओरिएंट टेक, Yotta कॉम जैसी कंपनियों GPUs देंगी। फाउंडेशनल मॉडल के लिए आवेदन मंगाने शुरू हो गए हैं। आज से डेवलपर्स से आवेदन मंगाने शुरू हुए हैं। DeepSeek से सुरक्षा पर होने वाले खतरे पर सरकार गंभीर है। जल्दी ही DeepSeek के सर्वर भारत में होस्ट होंगे।

केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा उत्कर्ष ओडिशा कॉन्क्लेव में घोषित इस पहल को इंडिया एआई कंप्यूट फैसिलिटी द्वारा आगे बढ़ाया जाएगा। इंडिया एआई कंप्यूट फैसिलिटी ने विशेष रूप से भारत के लिए तैयार किए गए लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) के विकास को आगे बढ़ाने के लिए 18,693 GPUs जुटाए हैं। अश्विनी वैष्णव ने आगे कहा,"हमारा मानना ​​है कि कम से कम 6 बड़े डेवलपर्स हैं जो अधिकतम 6 से 8 महीनों में और कम से कम पर 4 से 6 महीनों में एआई मॉडल विकसित कर सकते हैं।"


वैष्णव ने आगे कहा,"एक मजबूत और बेहतर AI इकोसिस्टम बनाने के लिए एक कॉमन कंप्यूट फेसिलिटी सबसे महत्वपूर्ण घटक है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि शोधकर्ताओं, स्टार्टअप और शैक्षणिक संस्थानों को AI विकास को आगे बढ़ाने के लिए उच्च-स्तरीय कम्प्यूटेशनल बुनियादी ढांचे की जरूरत है। भारत AI मिशन के तहत सरकार ने एक साझा कंप्यूटिंग संसाधन स्थापित करने को प्राथमिकता दी है।

वैष्णव ने आगे यह भी बताया कि कंप्यूटिंग फेसिलिटी ने शुरुआती उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन है, मूल रूप से प्लान किए गए 10,000 के बजाय लगभग 19,000 GPU हासिल कर लिए गए हैं। इनमें 12,896 Nvidia H100 GPU और 1,480 Nvidia H200 GPU शामिल हैं। .ये अब तक उपलब्ध सबसे शक्तिशाली AI चिप्स में से कुछ हैं। इनमें से लगभग 10,000 GPU तत्काल उपयोग के लिए तैयार हैं,जबकि शेष को धीरे-धीरे तैनात किया जाएगा।

उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि "यह फेसिलिटी सभी के लिए सुलभ होगी और आने वाले दिनों में चालू हो जाएगी।" अश्विनी वैष्णव ने आगे कहा कि AI कंप्यूट सेवाओं के लिए बाजार मूल्य से औसत डिस्काउंट 42 फीसदी है। आधारभूत मॉडलों के लिए महत्वपूर्ण हैं उच्च परिशुद्धता वाली कंप्यूट इकाइयां बाजार मूल्य से 47 फीसदी डिस्काउंट पर हैं।

इसके साथ ही भारत अपना खुद का फंडामेंटल AI मॉडल भी लॉन्च कर रहा है, जिसे देश की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को संबोधित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके अलावा जिम्मेदार  AI  विकास सुनिश्चित करने के लिए भारत एक  AI  सुरक्षा संस्थान(रेग्युलेटरी बॉडी) भी स्थापित करेगा। भारत का   AI  सुरक्षा संस्थान हब-एंड-स्पोक मॉडल पर आधारित होगा। जिससे इसमें कई संस्थान सहयोग कर सकेंगे और सेफ्टी टू्ल्स और फ्रेम वर्क प्रदान कर सकेंगे। बता दें कि दूसरे देशों की नियामक संस्थाएं एक ही रेग्युलेटरी बॉडी के भीतर काम करती हैं।

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