International Men’s Day 2022: दुनियाभर में हर साल 19 नवंबर (November 19) को 'अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस (International Men’s Day)' मनाया जाता है। भारत में पहली बार साल 2007 में 19 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस (International Men’s Day started in India) मनाया गया था। इस दिन को मनाने का प्रस्ताव सबसे पहले फरवरी 1992 में रखा गया था। इससे एक साल पहले 1991 में इसकी नींव रखी गई थी। साल 1999 से इस दिन को मनाने की आधिकारिक शुरूआत हुई। अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस को स्पेशल बनाने के लिए आप भी अपने जीवन में खास और अहम भूमिका निभाने वाले पुरुषों को कुछ गिफ्ट्स (Gifts) दे सकते हैं, जिन्हें पाकर उनके चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाएगी।
International Men’s Day का इतिहास
पुरुषों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 19 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस पहली बार 1999 में अपने पिता की जयंती मनाने के लिए त्रिनिदाद और टोबैगो में वेस्टइंडीज यूनिवर्सिटी (University of the West Indies in Trinidad and Tobago) के प्रोफेसर डॉ जेरोम टीलकसिंह (Dr Jerome Teelucksingh) द्वारा मनाया गया था।
उन्होंने सभी को पुरुषों और लड़कों से संबंधित मुद्दों को उठाने के लिए हर साल अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाने के लिए प्रोत्साहित किया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस का पहला प्रस्ताव 1992 में थॉमस ओस्टर (Thomas Oaster) ने रखा था। इसकी कल्पना एक साल पहले की गई थी। इसके महत्व के कारण इस दिन को 1999 में प्रोफेसर जेरोम टीलकसिंह द्वारा पुनर्जीवित किया गया था।
टीलकसिंह ने महसूस किया कि ऐसे पुरुषों का जश्न मनाने का कोई दिन नहीं था, जिनके बच्चे नहीं थे, जो युवा लड़के और किशोर थे। उन्होंने सकारात्मक पुरुष रोल मॉडल के महत्व को भी समझा और 19 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाने का फैसला किया। इस दिन उनके व्यक्तिगत रोल मॉडल पिता की जयंती भी थी।
International Men’s Day का उद्देश्य
अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस दुनिया भर में हर साल 19 नवंबर को पुरुषों के कल्याण के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करने और पुरुषों के सामने आने वाले मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य पुरुषों का मानसिक स्वास्थ्य, पुरुषत्व के सकारात्मक गुणों की सराहना करना, समाज में मौजूद पुरुष रोल मॉडल्स को मुख्यधारा में लाना और जेंडर इक्वलिटी आदि हैं। इसके अलावा समाज, समुदाय, परिवार, विवाह, बच्चों की देखभाल और पर्यावरण के लिए पुरुषों के सकारात्मक योगदान पर ध्यान केंद्रित करना भी इसका उद्देश्य है।
यह पुरुषों के उस दबाव को कम करने का दिन है जो समाज द्वारा उन पर लगातार डाला जाता है। समाज उनसे अपेक्षा करता है कि वे सिर्फ प्रोवाइडर हों, मजबूत हों और मदद न मांगें। 19 नवंबर का दिन इन रूढ़ियों को तोड़ने और पुरुषत्व को सकारात्मक रूप से परिभाषित करने का है। अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस जेंडर इक्वलिटी को भी बढ़ावा देता है। पुरुष जिन शारीरिक या मानसिक परेशानियों से जूझ रहे हैं उनपर प्रकाश डालने के लिए हर साल जेंडर इक्वलिटी पुरुष दिवस मनाया जाता है। इसमें खुदकुशी के खतरे को भी खासतौर से हाइलाइट किया जाता है।
International Men’s Day की भारत में कब हुई शुरुआत?
भारत में अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाने की शुरुआत होते होते काफी साल लग गए। भारत में पहली बार साल 2007 में 19 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाया गया। 2007 में हैदराबाद की लेखिका उमा चल्ला ने इसको शुरू किया। सुनने में आपको भले ही हैरानी हो रही हो, लेकिन यह सच है कि अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस की शुरुआत भारत में महिलाओं ने की थी।
International Men’s Day 2022 की थीम
इस साल अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस 2022 की थीम (Theme for International Men’s Day 2022) 'पुरुषों और लड़कों की मदद करना' (Helping Men and Boys) रखी गई है। जिसका उद्देश्य विश्व स्तर पर पुरुषों और लड़कों के स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार करना है। इससे पहले साल 2021 में अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस की थीम (Better relations between men and women) (पुरुषों और महिलाओं के बीच बेहतर संबंध) रखी गई थी।
International Men’s Day मनाने के तरीके
अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस को दुनिया भर में कार्यक्रमों और सम्मेलनों का आयोजन करके मनाया जाता है। इस दौरान पुरुषों और लड़कों से संबंधित मुद्दों पर बात की जाती है। उनकी समस्याओं पर चर्चा की जाती है और जागरूकता पैदा की जाती है। इसके अलावा इस दिन आप कुछ ऐसा करें कि घर के पुरुष सदस्यों को खास महसूस हो। उन्हें बताएं कि वे क्यों आपके और घर के लिए रोल मॉडल या स्पेशल हैं। उनका पसंदीदा खाना बनाकर, उन्हें कोई हैंडमेड गिफ्ट देकर या कोई खूबसूरत सा मैसेज वाला कार्ड देकर भी अच्छा महसूस करवाया जा सकता है।