International Men’s Day 2022: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2020 में दुनिया भर में करीब एक करोड़ लोगों की मौत कैंसर (Cancer) के कारण हुई। वहीं, इसी साल दुनिया भर में करीब 14 लाख लोग प्रोस्टेट कैंसर (Prostate Cancer) से पीड़ित भी पाए गए। जिससे यह दुनिया में चौथा सबसे अधिक डायग्नोसिस किया जाने वाला कैंसर बन गया है। प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में दूसरा सबसे आम कैंसर बन गया है और दुर्भाग्य से भारत में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रोस्टेट कैंसर मुख्य रूप से उम्र बढ़ने की एक खतरनाक बीमारी है।
प्रोस्टेट कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसमें प्रोस्टेट में कोशिकाएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। यह कैंसर ब्लड में PSA (एक तरह का प्रोटीन) का लेवल बढ़ने से होता है। प्रोस्टेट कैंसर प्रोस्टेट ग्लैंड (Prostate Gland) में होता है। प्रोस्टेट कैंसर तब शुरू होता है, जब प्रोस्टेट ग्लैंड में कोशिकाएं कंट्रोल से बाहर होने लगती है। यह ग्लैंड सिर्फ पुरुषों में पाई जाती है।
प्रोस्टेट पुरुष के रिप्रोडक्टिव सिस्टम का एक हिस्सा है। यह अखरोट के तरह की एक छोटी सी ग्लैंड होती है, जो स्पर्म का उत्पादन करने में मदद करती है। प्रोस्टेट ग्लैंड में जब सेल्स नियंत्रण से बाहर हो जाती है तो उसे प्रोस्टेट कैंसर कहते हैं। इस खतरनाक बीमारी का इलाज अगर सही समय पर नहीं किया जाए तो ये कई अंगों तक फैल जाती है। इसमें हड्डियां और लिम्फ नोड्स शामिल हैं।
प्रोस्टेट कैंसर के कारण और टेस्ट
यह जानलेवा बीमारी यदि शुरुआती कुछ हफ्तों और महीनों में पता चल जाए तो इसे पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। अन्यथा यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रोस्टेट कैंसर वैसे तो 60 फीसदी मामलों में 65 से अधिक उम्र के लोगों में डायग्नोसिस किया जाता है। लेकिन यह कैंसर किसी को भी हो सकता है। प्रोस्टेट कैंसक के जोखिम को बढ़ाने वाले मुख्य कारकों में फैमली हिस्ट्री और मोटापा भी शामिल हैं। पेशाब की नली के चारों ओर अखरोट के आकार का प्रोस्टेट ग्लैंड होता है। पुरुषों में उम्र बढ़ने के साथ-साथ प्रोस्टेट कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
PSA परीक्षण एक तरह का खून की टेस्टिंग है, जिसका उपयोग असामान्य रूप से बढ़े हुए प्रोस्टेट ग्लैंड के शुरुआती लक्षणों का पता लगाने के लिए किया जाता है। यह पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का जल्द पता लगाने का सबसे आम तरीका है। इस टेस्ट में डॉक्टर आपके खून में मौजूद प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन (PSA) के स्तर को मापते हैं। PSA एक प्रकार का प्रोटीन है, जो प्रोस्टेट ग्लैंड द्वारा बनाया जाता है। इस प्रोटीन की कुछ मात्रा आपके खून में पाई जाती है।
- पेशाब (Urine) करने के दौरान दर्द या जलन महसूस होना।
- दर्द या जलन के साथ बार-बार पेशाब होना।
- शरीर के पिछले हिस्से में दर्द महसूस होना।
- बैठने पर दर्द या बेचैनी होना।
प्रोस्टेट कैंसर की रोकथाम
प्रोटेस्ट कैंसर को कुछ सावधानियों के साथ रोका जा सकता है। 50 साल से अधिक उम्र के पुरुषों को मेटाबॉलिक सिंड्रोम- यानी मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग से बचाव के उपाय करने चाहिए। ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर की नियमित जांच और नियंत्रण करना महत्वपूर्ण है।
साथ ही शारीरिक रूप से एक्टिव रहने और फिट रहने के लिए पूरक आहार लेने के महत्व को समझना चाहिए। बता दें कि मोटापा सभी बीमारियों के जोखिम को बढ़ाता है। इसलिए स्वस्थ जीवन शैली शुरू कर देनी चाहिए। कम मोटापा, हरी सब्जियों और फलों से बना एक स्वास्थ्य आहार प्रोटेस्ट कैंसर के खतरे को कम करने में मदद कर सकता।