JNU की दीवारों पर ब्राह्मण विरोधी स्लोगन लिखे जाने पर बवाल! प्रशासन ने दिए जांच के आदेश; जानें क्या है पूरा मामला

Anti-Brahmin Slogans In JNU: JNU कैंपस के अंदर जगह-जगह दीवारों पर ब्राह्मणों के खिलाफ नारे लिखे गए हैं। दीवारों पर असामाजिक तत्वों ने ब्राह्मण और बनिया समुदाय के खिलाफ अमर्यादित नारे लिखे, जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया है

अपडेटेड Dec 02, 2022 पर 11:27 AM
Anti-Brahmin Slogans In JNU: ब्राह्मणों के अलावा बनिया समुदाय को लेकर भी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है

Anti-Brahmin Slogans In JNU: हमेशा विवादों से घिरे रहने वाला दिल्ली (Delhi) में स्थित देश का नामी संस्थान जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) एक बार फिर से चर्चा में है। दरअसल, JNU में ब्राह्मण विरोधी स्लोगन (Anti-Brahmin Slogans) लिखे जाने को लेकर विवाद पैदा हो गया है। JNU कैंपस में कई जगहों पर गुरुवार को ब्राह्मण-विरोधी नारे लिखे जाने का दावा किया गया। इसकी कई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। फिलहाल, जेएनयू प्रशासन की तरफ से इस घटना की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।

क्या लिखा है?

समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया है कि जेएनयू छात्रों के दावों के अनुसार स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज-2 की इमारत पर ब्राह्मण और बनिया समुदाय के खिलाफ नारे लिखे गए। छात्रों ने दावा किया कि ब्राह्मण और बनिया समुदाय के खिलाफ नारों के साथ स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज-2 की इमारत में तोड़फोड़ की गई। दीवारों पर लिखे नारों में से कुछ नारे हैं, ‘‘ब्राह्मण परिसर छोड़ो’’, ‘रक्तपात होगा’, ‘ब्राह्मण भारत छोड़ो’ और ‘ब्राह्मणों और बनिया, हम तुम्हारे पास बदला लेने आ रहे हैं।’


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ABVP का वाम पक्ष पर आरोप

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इस मामले के लिए वाम पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है। ABVP की जेएनयू इकाई के अध्यक्ष रोहित कुमार ने पीटीआई से कहा, ‘‘एवीबीपी कैंपस में वामपंथी गुंडों द्वारा की गई तोड़-फोड़ की निंदा करती है। वामपंथियों ने जेएनयू स्थित स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज-द्वितीय की इमारत पर अपशब्द लिखे हैं।

उन्होंने मुक्त सोच रखने वाले प्रोफेसरों के धमकाने के लिए उनके चेंबर को विकृत किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘शैक्षणिक स्थान का इस्तेमाल बहस और चर्चा के लिए की जानी चाहिए न कि समाज और छात्रों में वैमनस्य पैदा करने के लिए।’’ जेएनयू शिक्षकों के संगठन ने भी तोड़-फोड़ की ट्वीट कर निंदा की है और इसके लिए ‘वामपंथी उदारवादी गिरोह’ को जिम्मेदार ठहराया है।

एक्शन में प्रशासन

तस्वीरें वायरल होने के बाद कुलपति (Vice-Chancellor) ने इस घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के डीन और शिकायत कमेटी को जल्द से जल्द पूछताछ करने और वाइस चांसलर (VC) को एक रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा है। कुलपति शांतिश्री डी. पंडित (Santishree D. Pandit) ने अपने बयान में कहा कि ऐसे घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

समाचार एजेंसी ANI पर मौजूद बयान की कॉपी के अनुसार, "वाइस चांसलर ने दीवारों और फैकल्टी के कमरों में अज्ञात लोगों की ओर से नारे लिखे जाने की इस मामले का संज्ञान लिया है। स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के डीन और शिकायत कमेटी से जल्द से जल्द इसकी जांच करने और रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।" JNU प्रशासन ने कहा है कि VC शांतिश्री डी. पंडित ने विश्वविद्यालय कैंपल में किसी भी प्रकार की हिंसा के खिलाफ जीरो टॉलरेंस को एक बार फिर दोहराया है।

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