अगले हफ्ते देश की राजधानी नई दिल्ली में इंटरनेशनल लेवल पर जी-20 (G-20) कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है। इस दैरान दुनिया भर के कई सारे बड़े नेता दिल्ली में मौजूद रहेंगे। जिसके मद्देनजर दिल्ली पुलिस के साथ -साथ देश की तमाम खुफिया एजेंसी , जांच एजेंसी सतर्क मोड पर हैं। इसी दौरान रविवार सुबह को दिल्ली के पांच मेट्रो स्टेशन के आसपास की दीवारों पर कुछ विवादास्पद स्लोगन लिखे हुए पाए गए। ये विवादास्पद स्लोगन प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान से जुड़े यानी उसके समर्थन में लिखे गए हैं और इसके साथ ही देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ गलत शब्दों का प्रयोग किया गया है।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
इस मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की टीम विशेष तौर पर सतर्क हो गई है और मामले की तफ्तीश में जुट गई है। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सूत्र ये भी बताते हैं कि इस मामले की पड़ताल में जल्द ही स्पेशल सेल की एंट्री भी होगी। इस तरह के मामलों पर और आतंकी संगठनों से जुड़े मामलों पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की हमेशा नजर होती है और अक्सर उन आरोपियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ठोस कार्रवाई भी करती है . लिहाजा सूत्र बताते हैं कि इस केस की विस्तार से तफ्तीश कराने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल को मामला ट्रांसफर किया जा सकता है . इस मामले में दिल्ली पुलिस उचित कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
CCTV फुटेज की हो रही जांच
विवादास्पद स्लोगन लिखे गए कई मेट्रो स्टेशन के आसपास लगे सीसीटीवी को खंगाला जा रहा है। दिल्ली पुलिस की टीम फिलहाल उन पांचों मेट्रो स्टेशन के आसपास लगे सीसीटीवी के फुटेज को खंगालने में जुटी हुई है , जहां विवादास्पद खालिस्तानी स्लोगन लिखे गए थे। लिहाजा इस मामले की तफ्तीश के लिए दिल्ली पुलिस के द्वारा अर्ध सैनिक बल सीआईएसएफ के अधिकारियों से भी संपर्क साधा गया है इसके साथ ही डीसीपी मेट्रो के साथ भी बातचीत करके तमाम मामलों की जानकारी इकट्ठा की जा रही है।
इन मेट्रो स्टेशनों पर लिखे गए थे स्लोगन
ये विवादस्पद स्लोगन, शिवाजी पार्क, पश्चिम विहार, उद्योग नगर, महाराजा सूरजमल स्टेडियम और सर्वोदय बाल विद्यालय नांगलोई , नांगलोई मेट्रो स्टेशन पर लिखे हुए पाए गए थे। बता दें कि इसी साल गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम के ठीक एक हफ्ते पहले वेस्ट दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में खालिस्तान के समर्थन में कुछ दीवारों पर विवादास्पद स्लोगन लिखे गए थे , जो सिख फॉर जस्टिस नाम के संगठन के द्वारा लिखे गए थे। हालांकि उसके कुछ समय के बाद कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई थी । लेकिन क्या इस मेट्रो स्टेशन के आसपास लिखे स्लोगन में भी सिख फॉर जस्टिस संगठन या किसी अन्य प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े आरोपियों का हाथ हैं ,इस मामले में अब विस्तार से खंगाला जा रहा है।