'चांद को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए, शिवशक्ति प्वाइंट बने राजधानी', संत चक्रपाणि महाराज ने सरकार से की मांग

Chandrayaan-3 की सफलता के बाद अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज ने सरकार से मांग की है कि चांद को 'हिंदू राष्ट्र' घोषित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 के लैंडिंग वाले स्थान "शिव शक्ति प्वाइंट" को चांद की राजधानी घोषित हो ताकि कोई आतंकी जिहादी मानसिकता वहां न पहुंच पाए। एक वीडियो संदेश में हिंदू संत ने केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार से कहा कि किसी भी 'आतंकवादी' के चंद्रमा तक पहुंचने से पहले वह पृथ्वी के एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह पर अपना स्वामित्व जताए

अपडेटेड Aug 28, 2023 पर 7:12 PM
Chandrayaan-3: महाराज ने कहा कि देवी अनुसूया के पुत्र चंद्र यानी चंद्रमा पर पहला अधिकार हिंदू सनातनियों का है

भारत ने चांद के साउथ पोल पर चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) की सफल लैंडिंग कराकर इतिहास रच दिया है। चंद्रयान 3 की सफलता के बाद अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज (Swami Chakrapani Maharaj) ने सरकार से मांग की है कि चांद को 'हिंदू राष्ट्र (Hindu Rashtra)' घोषित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 के लैंडिंग वाले स्थान "शिव शक्ति प्वाइंट (ShivShakti Point)" को चांद की राजधानी घोषित हो ताकि कोई आतंकी जिहादी मानसिकता वहां न पहुंच पाए। एक वीडियो संदेश में हिंदू संत ने केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार से कहा कि किसी भी 'आतंकवादी' के चंद्रमा तक पहुंचने से पहले वह पृथ्वी के एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह पर अपना स्वामित्व जताए।

चक्रपाणि महाराज ने एक वीडियो संदेश में कहा, "मैं चाहता हूं कि भारत संसद में एक प्रस्ताव के साथ चांद को हिंदू राष्ट्र घोषित करे।" स्वामी चक्रपाणि महाराज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, "संसद से चांद को हिंदू सनातन राष्ट्र के रूप में घोषित किया जाए। चंद्रयान 3 के उतरने के स्थान 'शिव शक्ति प्वाइंट' को उसकी राजधानी के रूप में विकसित हो, ताकि कोई आतंकी जिहादी मानसिकता का वहा न पहुंच पाए।"

एक अन्य ट्वीट में संत चक्रपाणि महाराज ने लिखा कि देवी अनुसूया के पुत्र चंद्र यानी चंद्रमा पर पहला अधिकार हिंदू सनातनियों का है। इसलिए चंद्रमा को हिंदू राष्ट्र घोषित करने एवं पाकिस्तान के ध्वज से चंद्रमा को हटाने हेतु प्रधानमंत्री मोदी जी को पत्र लिखा गया है। अपने इस ट्वीट में लेटर की कॉपी की तस्वीर को भी पोस्ट किया है जिस पर लिखा है कि पाकिस्तान या तो आतंक छोड़े या अपने झंडे पर हमारे चंद्र देवता का फोटो ना लगाए।


पाकिस्तान को दी धमकी

पत्र में लिखा गया है पाकिस्तान हमारे चंद्र देवता वापस करें अन्यथा प्रमाण पेश करें कि किस अधिकार से चंद्रमा की तस्वीर लगाते हैं। नहीं तो उन्हें इंटरनेशनल कोर्ट में चंद्र देवता को बचाने के लिए मानहानि की लड़ाई लड़नी पड़ेगी। पिछले सप्ताह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग के बाद संत ने चंद्रयान-3 के लैंडिंग एरिया का नाम "शिवशक्ति प्वाइंट" रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया।

पीएम मोदी ने दिया 'शिवशक्ति' नाम

इसरो मुख्यालय में वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि जिस स्थान पर चंद्रयान-3 का मून लैंडर उतरा है, उस स्थान को 'शिवशक्ति' के नाम से जाना जाएगा। साथ ही उन्होंने ऐलान किया था कि 23 अगस्त को जब भारत ने चंद्रमा पर तिरंगा फहराया, उस दिन को अब 'नेशनल स्पेस डे' के रूप में मनाया जाएगा।

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आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं जब स्वामी चक्रपाणि महाराज अपनी अजीबोगरीब बयानों की वजह से सुर्खियों में हैं। इससे पहले 2020 में कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी की पहली लहर के दौरान उनके नेतृत्व में अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने एक "गौमूत्र पार्टी" की मेजबानी की थी। इसके अलावा उन्होंने लोगों से 2018 में केरल में आए केरल बाढ़ के दौरान 'गोमांस खाने वाले' पीड़ितों की मदद नहीं करने के लिए कहा था।

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