Mosquito Coil: मच्छरों के आतंक से बहुत से लोग परेशान रहते हैं। इससे डेंगू, मलेरिया और येलो फीवर जैसी खतरनाक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में मच्छरों से बचने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय आजमाते हैं। आमतौर पर ज्यादातर लोग इनसे छुटकारा पाने के लिए मॉस्किटो कॉइल या मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि इन्हें जलाने से मच्छर भाग तो जाते हैं, लेकिन इससे निकलने वाले जहरीले धुएं से कई खतरनाक बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। एक रिसर्च में कहा गया है कि एक कॉइल 100 सिगरेट के बराबर खतरनाक है। इसमें से करीब पीएम 2.5 धुआं निकलता है जो कि बहुत ज्यादा है।
हाल ही में देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में एक दुखद घटना सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मच्छरों को लगाने वाली मॉस्किटो कॉइल जलाने से एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई। माना जा रहा है कि इन लोगों ने कॉइल जलाई थी और इससे तकिया में आग लग गई। इन छह में से 2 लोगों की मौत जलने से हुई और 4 की मौत दम घुटने से हुई है।
मच्छर भगाने वाली इस कॉल में डीडीटी, अन्य कार्बन फास्फोरस और खतरनाक तत्व होते हैं। ये सभी जब जलते है तो हमारी सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं। जानकारों का कहना है कि इसे जलाने पर जहरीला धुआं निकलता है। जिससे मच्छर भाग जाते हैं। हालांकि इसे इंसानों के लिए भी सेफ नहीं माना जाता है। इसमें कार्बन मोनोऑक्साइड समेत कई जहरीली गैस निकलती हैं। जिनके संपर्क में आने से लोगों के दिल, दिमाग और फेफड़ों को गंभीर काफी नुकसान पहुंचता है। बंद कमरे में कॉइल जलाकर सोना जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में कॉइल का इस्तेमाल सोच समझकर करना बेहद जरूरी है।
मॉस्किटो कॉइल से निकलने वाले धुएं के संपर्क में आने से आंखों में जलन और सिर दर्द की समस्या होने लगती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कभी भी इस प्रकार की धुंए के सीधे संपर्क में आने से बचना चाहिए। इससे एक निश्चित दूरी बनाए रखना चाहिए।
अक्सर लोग बंद कमरे में मॉस्किटो कॉइल का इस्तेमाल करते हैं। जिससे अस्थमा होने की संभावना हो सकती है। कई लोगों को इस धुएं से इरिटेशन और घबराहट जैसी समस्या भी हो सकती है। इसलिए मॉस्किटो कॉइल जलाने से परहेज करें।
अगर आप लगतार मॉस्किटो कॉइल के संपर्क में रहते हैं, तो इसके धुएं से त्वचा पर एलर्जी की समस्या हो सकती है। ये धुएं स्किन की चमक को भी प्रभावित कर सकते हैं।
कई स्टडी में वैज्ञानिकों ने पाया कि लगातार मॉस्किटो कॉइल के जलाने से घर का वातावरण प्रदूषित होता है। मॉस्किटो कॉइल के लगातार संपर्क में रहने के कारण फेफड़ों के कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
कुछ लोग मच्छरों से बचने के लिए अपने बेड के नीचे कॉइल जला कर रख देते हैं। ऐसा करना खुद की जान लेने के बराबर है। कॉइल से निकलने वाला धुआं सीधे व्यक्ति के शरीर में जाता है। ऐसे में उसे सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। गंभीर परिस्थितियों में हार्टअटैक भी आ सकता है।
बच्चों के लिए कॉइल है जहर
बच्चों को मॉस्किटो किल या मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती के सम्पर्क में लाने से बचना चाहिए। इससे निकलने वाले धुएं उनके हेल्थ के लिए खतरनाक साबित हो सकता हैं। उन्हें थ्रोट इन्फेक्शन, खांसी की समस्या हो सकती है।