Headache Symptoms: आज कल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी और काम के प्रति बढ़ते दबाव को देखते हुए लोग अपनी सेहत पर खास तौर से ध्यान नहीं दे पाते हैं। हल्का-फुल्का कहीं भी दर्द हो तो इसे इग्नोर कर देते हैं। ऐसे ही सिर दर्द होने पर सिर्फ दवा खाकर न रह जाएं। इसके लक्षणों को भली भांति समझें। कहीं ऐसा न हो कि यह सिर दर्द आपको किसी गंभीर बीमारी के लक्षणों के संकेत दे रहा है। यह छोटी सी लापरवाही आपके लिए जानलेवा साबित हो सकती है। मामूली सा होने वाला सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor) का कारण हो सकता है।
दरअसल, ब्रेन के सेल्स की गांठ बन जाने को ही ब्रेन ट्यूमर कहते हैं। बिना कैंसर वाले ट्यूमर को ‘लाइट ब्रेन ट्यूमर’कहा जाता है। समय रहते इसका इलाज कराना बेहद जरूरी है। नहीं तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। इसके लक्षणों की पहचान करके किसी भी तरह की गंभीर स्थिति से बच सकते हैं।
कितने तरह का होता है ब्रेन ट्यूमर
कहते हैं कि ब्रेन ट्यूमर कई तरह के होते हैं। इसकी शुरुआत ब्रेन से ही होती है। इसलिए इसे ब्रेन ट्यूमर कहते हैं। अगर कैंसर शरीर के एक हिस्से से फैलते हुए ब्रेन तक फैलता है तो इस तरह के कैंसर ब्रेन ट्यूमर या मेटा स्टैटिक ब्रेन ट्यूमर कहते हैं। दिमाग में बन रहे ट्यूमर कई बार इतना तेजी से बढ़ते हैं कि उनका फौरन इलाज करना जरूरी होता है। लेकिन कई बार ये ट्यूमर दिमाग के छोटे हिस्से में मौजूद होते हैं। ये जल्दी नहीं बढ़ते हैं। लेकिन जब ये नर्व सिस्टम की किसी नस को दबाने लगते हैं तो शरीर की एक्टिविटी पर असर पड़ता है।
ब्रेन ट्यूमर के अन्य लक्षणों का पता लगाना भी जरूरी है। ताकि सिर दर्द के साथ यदि कोई अन्य लक्षण भी महसूस हो रहा हो तो डॉक्टर से बात करने में आप देरी न करें। समें जी मिचलाना, उल्टी आना, धुंधला या कम दिखाई देना, शरीर के किसी हिस्से को हिलाने में दिक्कत होना, शरीर का संतुलन न बना पाना, मिर्गी के दौरे पड़ना, उलझन और भ्रम महसूस होना। कुछ ऐसे लक्षण नजर आते हैं।
बच्चों में ब्रेन ट्यूमर के लक्षण
बच्चों को बार-बार प्यास लगना, टॉयलेट जाना, सिर की स्थिति सामान्य से बड़ा होना, बैलेंस बनाने में परेशानी होना जैसे तमाम लक्षण नजर आते हैं। ब्रेन ट्यूमर में सिर में दर्द होना एक शुरुआती लक्षण है। ऐसे में इसका समय रहते इलाज कराना बेहद जरूरी है।