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पहले बच्चों को अवैध दवाओं से करते थे गोरा, फिर लाखों में बेच देते थे, मुंबई पुलिस ने बड़े रैकेट का किया भंडाफोड़

Mumbai: मुंबई की मांटुगा पुलिस ने बच्चों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया। यह गिरोह बच्चों के रंग-रूप को कृत्रिम तरीकों से बदलकर उन्हें 1.5 लाख से 3.8 लाख रुपये में बेचता था। गिरोह के लोग निःसंतान परिवारों को बच्चों को बेचने के लिए मजबूर करते थे। दस आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 18, 2024 पर 2:48 PM
पहले बच्चों को अवैध दवाओं से करते थे गोरा, फिर लाखों में बेच देते थे, मुंबई पुलिस ने बड़े रैकेट का किया भंडाफोड़
माटुंगा पुलिस ने छोटे बच्चों को चुराने वाले गैंग का किया खुलासा

मुंबई की माटुंगा पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह गरीब परिवारों के बच्चों को चुराकर या बहला-फुसलाकर बेचता था। यह गिरोह बच्चों के नैन-नक्श और रंग-रूप के आधार पर उनकी कीमत तय करता था। तीन लड़कियों और दो लड़कों को 1.5 लाख से 3.8 लाख रुपये के बीच बेचे जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बच्चों को हॉर्मोन इंजेक्शन देकर कृत्रिम तरीकों से बड़ा और आकर्षक दिखाने की कोशिश करते थे। यह गिरोह निःसंतान परिवारों को बच्चे बेचते थे। इसके साथ ही कई बच्चों से  वेश्यावृत्ति का काम भी कराते थे। वहीं कुछ बच्चों को भीख मांगने के काम में भी लगा देते थे।

इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब कर्नाटक में एक बच्ची को बेचा गया था। इस मामले में मुंबई पुलिस  ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।  जांच में पता चला है कि गिरोह का नेटवर्क मुंबई, गुजरात, कर्नाटक और दिल्ली समेत कई राज्यों में फैला हुआ है।

इन परिवारों को बनाया निशाना

पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गिरोह न केवल बच्चों का अपहरण करता था, बल्कि उन्हें निःसंतान परिवारों के हाथों ऊंचे दामों पर बेचता था। पकड़े गए 10 आरोपियों में से 9 महिलाएं हैं। ये सभी देशभर में सक्रिय मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े थे। बच्चों को वेश्यावृत्ति, भीख मांगने और अन्य शोषणकारी गतिविधियों के लिए मजबूर किया जाता था।

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