सुंदरवन के इस टार्जन को पहचानिए, कई जानवरों की निकालता है आवाज, सुनकर हर कोई हैरान, यहां देखें वीडियो

Nabarun Mahato: अगर कोई शख्स जंगली पशु पक्षियों की आवाज निकाल लेता है तो यह किसी आश्चर्य से कम नहीं है। ऐसे में पश्चिमी बगाल के नॉर्थ परगना जिले के सुंदरवन में 12 साल एक लड़का रहता है। इसका नाम नाबरुन महतो (Nabarun Mahato) है। महतों 10-15 पशु पक्षियों की आवाज निकाल लेते हैं। महतो जब आवाज निकालते हैं तो असली और नकली में फर्क करना बेहद मुश्किल हो जाता है

अपडेटेड Dec 18, 2023 पर 1:39 PM
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Nabarun Mahato: सातवीं कक्षा में पढ़ाई करने वाले नाबरून महतो की इलाके में इन दिनों काफी चर्चा हो रही है।

Julfikar Molla

Nabarun Mahato: टार्जन का नाम सुनते ही आपकी आंखों के सामने कॉमिक्स के पन्नों की झलक सामने आने लगती होगी। हो सकता है कि 80 के दशक में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म 'एडवेंचर्स ऑफ टार्जन' को भी याद कर होंगे। टार्जन जैसे किरदार को आपने फिल्मों में जरूर देखा होगा। काल्पनिक चरित्र 'टार्जन' जंगल के जानवरों से दोस्ती करने लगता है। बाद में उनके साथ घुलमिल जाता है। लेकिन अब असली टार्जन मिल गया है। पश्चिमी बगाल के नॉर्थ परगना जिले के सुंदरवन में 12 साल एक लड़का रहता है। इसका नाम नाबरुन महतो (Nabarun Mahato) है। महतों 10-15 पशु पक्षियों की आवाज निकाल लेते हैं।

महतो जब आवाज निकालते हैं तो असली और नकली में फर्क करना बेहद मुश्किल हो जाता है। महतो इन दिनों पूरे इलाके में सुर्खियां बटोर रहा है। उससे मिलने वालों की भीड़ लगी रहती है। बचपन से ही सुंदरवन के जंगलों में घूमने की वजह से कई पशु-पक्षियों की आवाज निकालने में माहिर हो गया है।


महतो की आवाज में है जादू

नाबरुन महतो आज सुंदरवन का टार्जन बन गया है। उनकी आवाज में जादू है। महतो कोयल, मेढ़क, मोर, बत्तख, की आवाजें निकालने में माहिर है। इतना ही नहीं कुत्ते, लोमड़ी, की आवाज भी निकाल लेता है। महतो का वीडियो देखकर आप हैरान रह जाएंगे। महतो को इस बारे में किसी ने ट्रेनिंग नहीं दी है। उसने सिर्फ जंगल में रहकर जानवरों की आवाज सुनकर सीखा है। महतो आवाज इतनी असली लगती है कि अगर कोई आंख बंद कर के उसे सुने, तो असल में जानवर या पक्षी ही समझ बैठेगा। महतो अभी वेस्ट खेजुरबेरिया हाई स्कूल (West Khejurberia High School) में सातवीं कक्षा में पढ़ता है। शुरुआती दौर में जब महतो कई तरह के पशु पक्षियों की आवाज निकालता था तो उसके माता-पिता उसे डांटते थे। माता-पिता का कहना था कि इतना शोर क्यों करते रहते हो। लेकिन अब महतो की सराहना हो रही है।

महतो के पिता हैं मछुआरे

महतो के पिता रामप्रसाद पेश से मछुआरे (fisherman) हैं। मछली पकड़ने के अलावा वो खेती भी करते हैं। उनकी मां ग्रहणी हैं। महतो अपने पिता के साथ खेती में हाथ बंटाते हैं। अब स्थानीय लोग महतो के घर चले जाते हैं और उनसे पशु-पक्षियों की आवाज निकालने के लिए कहते हैं। फिलहाल सुंदरवन के इस छोटे से बालक ने यह सिखा दिया कि अगर सीखने की ललक है तो आप वास्तविक जीवन में भी टार्जन बन सकते हैं।

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