‘हमारे यहां न्यूटन के बाप बैठे हैं’, नितिन गडकरी ने भ्रष्ट अधिकारियों पर साधा निशाना

Nitin Gadkari Statement on Corruption: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं। उनके कई ऐसे बयान हैं, जो सुर्खियों में रहते हैं। उन्होंने हाल ही एक कार्यक्रम में भ्रष्ट सरकारी अफसरों पर जमकर निशाना साधा। गडकरी ने कहा कि अधिकारी 3-3 महीने तक फाइले लटकाए रहते हैं। पैसों के हिसाब से फाइल आगे बढ़ती है

अपडेटेड Sep 17, 2024 पर 2:42 PM
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Nitin Gadkari Statement on Corruption: नितिन गडकरी ने कहा कि हमारे सिस्टम में न्यूटन के बाप बैठे हैं, जो बिना घूस के फाइल आगे नहीं बढ़ाते हैं।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इन दिनों फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। वे बेबाक बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं। इस बार भारत के भ्रष्ट सरकारी अफसरों को खरी खोटी सुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इंजीनियर्स डे के मौक पर गडकरी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (COEPTU) के पूर्व छात्र संघ को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सरकारी विभागों के कार्यों में पारदर्शिता और समय पर निर्णय की प्रक्रिया लाने की वकालत की। भ्रष्ट अफसरों पर निशाना साधते हुए गडकरी ने कहा कि हमारे सिस्टम में न्यूटन के बाप बैठे हैं। उन्होंने ये भी बताया कि लेटर और भावनाओं में अंतर होता है।

यह कार्यक्रम पुणे में आयोजित किया गया था। इसमें टेस्ला, जेपी मॉर्गन जैसी कई मल्टीनेशनल कंपनियों के इंजीनियर, राज्य और केंद्र सरकार में काम करने वाले इंजीनियर मौजूद थे।

गड्ढ़ा भरने के लिए आदेश का इंतजार करते हैं अफसर


नितिन गडकरी ने सिस्टम में नौकरशाही रवैये पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हाइवे प्रोजेक्ट, रोड एक्सिडेंट और हादसों में होने वाली मौतों के लिए दोषपूर्ण डीपीआर को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सिस्टम में ऐसे अफसर हैं, जिन्हें हर चीज के लिए आदेश की जरूरत होती है। यहां तक कि सड़कों पर गड्ढे भरने के लिए भी उन्हें आदेश का इंतजार रहता है। मैं अभी उनके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता, लेकिन कई बार पैसा हाथ में आते ही फौरन काम काम शुरू हो जाता है। वो भी बहुत तेजी से काम शुरू होता है। इसमें कोई आदेश की जरूरत नहीं रहती है।

हमारे यहां सिस्टम में न्यूटन के बाप बैठे हैं – नितिन गडकरी

गडकरी ने आगे कहा कि लिखे गए शब्द और भावनाओं में अंतर होता है। अगर कोई काम करने वाला किसी भी नियम की भावना को नहीं समझेगा तो उसका फायदा ही क्या है? हमारे सिस्टम में फाइलें पैसे के वजन के अनुसार आगे बढ़ती हैं। जो फाइल जितना भारी होगी, वो उतना ही तेजी से आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जब नौकरशाहों को जब पैसे मिलते हैं तो वो बहुत तेजी से काम करते हैं। हमारे सिस्टम में कुछ 'न्यूटन के बाप' भी हैं। जिन्हें पैसे मिलने पर फाइलें बहुत तेजी से आगे बढ़ने लगती हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कह सकते हैं कि वह तीखे ढंग से बोलते हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि उनकी बातों से कम से कम युवा जरूर सबक लेंगे।

ईमानदार और मेहनती लोग पसंद हैं : केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि जिस तरह एक व्यक्ति अपनी पत्नी से भक्ति भाव से प्यार करता है। ठीक उसी तरह कई बाबू लोग फाइल को तीन महीने तक अपने पास पेंडिंग रखते हैं। उन्होंने कहा कि वे ईमानदार और मेहनती लोगों को पसंद हैं, जो काम करवा सकें। इंजीनियरिंग, रिसर्च और टेक्नोलॉजी बहुत जरूरी है, लेकिन साथ ही अगर प्रशासन, टीमवर्क और पारदर्शिता अच्छी हो तो नेतृत्व काम आएगा।

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