कोरोना वायरस महामार है जो पूरी दुनिया से खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इसके नए-नए वेरिएंट पूरी दुनिया को नई टेंशन दे रहे हैं। हाल के दिनों में कोरोना के मामले में औसत रूप से कमी जरूर देखी गई, लेकिन इस बीच एक नए वेरिएंट ने हड़कंप मचा दिया। कोरोना के नए वेरिएंट का नाम XE है। ये नया वेरिएंट ब्रिटेन में पाया गया है। इसे ओमीक्रोन सब वेरिएंट का हाइब्रिड स्ट्रेन बताया जा रहा है। यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (UKHSCA) ने कहा कि वो XE पर स्टडी कर रहे हैं। यह BA.1 और BA.2 ओमीक्रोन सब वेरिएंट के म्यूटेशन से बना है।
शुरुआती स्टडी से पता चला है कि XE वेरिएंट के संक्रमण की रफ्तार BA.2 वेरिएंट के मुकाबले 10 फीसदी ज्यादा है। WHO के मुताबिक, अब तक कोविड के तीन हाइब्रिड या रिकॉम्बिनेंट स्ट्रेन का पता चला है, जिसमें से पहला- XD, दूसरा- XF और तीसरा- XE है। इनमें से पहले और दूसरे वेरिएंट डेल्टा और ओमीक्रोन के कॉम्बिनेशन से पैदा हुए हैं, जबकि तीसरा ओमीक्रोन सबवेरिएंट का हाइब्रिड स्ट्रेन है।
ब्रिटेन में XE वेरिएंट से मचा हाहाकार
ब्रिटेन की स्वास्थ्य एजेंसी के मुताबिक इंग्लैंड में XE के 637 मामलों के बारे में पता चला था। कोरोना को लेकर पाबंदी हटाने के बाद से हर दिन नए संक्रमित मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। XE के लिए शुरुआती विकास दर BA.2 से काफी अलग नहीं थे, जिसे स्टेल्थ ओमीक्रोन भी कहा जाता है। फिलहाल मौजूदा समय में ब्रिटेन में स्टेल ओमीक्रोन के मुकाबले XE वेरिएंट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यह बहुत जल्द पता चल जाएगा कि यह पिछले सब वेरिएंट के मुकाबले कितना ज्यादा खतरनाक है।
वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization – WHO) ने कोविड-19 के XE वेरिएंट को लेकर चेतावनी भी दी है। WHO का कहना है कि XE वेरिएंट के बारे में पहली बार ब्रिटेन में 19 जनवरी को पता चला था। शुरुआती स्टडी के मुताबिक XE वेरिएंट BA.2 के मुकाबले करीब 10 फीसदी ज्यादा तेजी से फैलता है। हालांकि, इस वेरिएंट को लेकर अभी और स्टडी की जरुरत बताई जा रही है।
XD, XE और XF में से कौन सबसे गंभीर
प्रसिद्ध वायरोलॉजिस्ट टॉम पीकॉक ने कहा कि रिकॉम्बिनेंट वेरिएंट भी पहले के वेरिएंट के जैसे ही खतरनाक हो सकते हैं। इनमें एक ही वायरस (जैसे XE या XF) से स्पाइक और संरचनात्मक प्रोटीन होते हैं। इनमें से XD सबसे अधिक चिंता वाला वेरिएंट लग रहा है। इस वेरिएंट से संक्रमित मरीज जर्मनी, नीदरलैंड और डेनमार्क में मिल चुके हैं।