अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रीडमैन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पॉडकास्ट रविवार को प्रसारित हुआ। इसमें वैश्विक राजनीति, विज्ञान, टेक्नोलॉजी, भारत की .विकास यात्रा और प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत नेतृत्व दृष्टिकोण पर गहन चर्चा हुई। पीएम मोदी ने पॉडकास्ट में अपने जीवन पर स्वामी विवेकानंद और महात्मा गांधी के प्रभावों को भी साझा किया। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस आश्रम में बिताए समय और स्वामी आत्मस्थानंद के साथ अपने संबंधों के किस्से भी साझा किए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उन्हें कभी अकेलापन महसूस नहीं हुआ है इसकी वजह ये है कि भगवान हमेशा उनके साथ रहते हैं। अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक, शोधकर्ता और पॉडकास्टर लेक्स फ्रीडमैन के साथ तीन घंटे से ज्यादा लंबी बातचीत हुई।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पॉडकास्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पवित्र संगठन से उन्हें संस्कार और जीवन जीने का मकसद मिला है। संघ से बड़ा स्वयंसेवी संगठन दुनिया में नहीं है। उन्होंने कहा कि संघ को समझना आसान नहीं है, इसके कामकाज को देखना और समझना चाहिए।
कभी अकेलापन महसूस नहीं होता – पीएम मोदी
पीएम मोदी ने अकेलेपन के बारे में पूछे जाने पर कहा कि मैं कभी अकेलापन महसूस नहीं करता हूं। मैं ‘वन प्लस वन’ सिद्धांत में विश्वास करता हूं।. एक मोदी है और दूसरा ईश्वर है। मुझे वास्तव में कभी अकेलापन महसूस नहीं होता है। इसकी वजह ये है कि भगवान हमेशा मेरे साथ रहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके लिए “जन सेवा ही प्रभु सेवा है”। मोदी ने कहा कि उन्हें ईश्वर और 140 करोड़ भारतीयों का समर्थन मिला हुआ है। इस दौरान अमेरिका के लोकप्रिय पॉडकास्टर और कंप्यूटर वैज्ञानिक लेक्स फ्रीडमैन ने पॉडकास्ट के दौरान गायत्री मंत्र का जाप किया। उन्होंने मोदी से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उनका उच्चारण सही हो। ऐसे में पीएम मोदी ने इसके जवाब में खुद मंत्र का जाप किया और इसके गहन महत्व के बारे में चर्चा की।
एक्स पर शेयर किया पॉडकास्ट
पीएम नरेंद्र मोदी और फ्रीडमैन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए पॉडकास्ट को शेयर किया है। पीएम मोदी ने कहा कि मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मैंने संघ जैसे प्रतिष्ठित संगठन से जीवन का सार और मूल्य सीखा है। पिछले 100 साल में संघ साधक की तरह समर्पित भाव से काम कर रहा है। यह जीवन में एक ही बात सिखाता है कि राष्ट्र ही सब कुछ है और समाज सेवा ही ईश्वर की सेवा है।