IIT baba at Mahakumbh 2025 : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ के शुरूआत के साथ ही IITian बाबा की काफी चर्चा है। महाकुंभ में चर्चा का विषय बने हुए आईआईटियन बाबा अभय सिंह को लेकर शुक्रवार को खबर आई कि वो प्रयागराज छोड़ कर चले गए हैं। लेकिन उन्होंने खुद सामने आकर सारी सच्चाई बताई है। कहा जा रहा था कि वह मीडिया वालों को इंटरव्यू दे देकर थक गए और उन्होंने कुंभ छोड़ने का फैसला कर लिया, लेकिन अब उन्होंने खुद मीडिया को बताया कि ऐसा कहा गया कि मैं वहां गुप्त साधना में गया हूं, जबकि मुझे आश्रम भेजा गया था।
रातों-रात कहां चले गए अभय सिंह
बता दें कि IITian बाबा अभय सिंह महाकुंभ में श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े का हिस्सा है। अभय सिंह ने आजतक का दिए इंटरव्यू में बताया कि, ‘उन्होंने गलत खबर फैला दी, मड़ी आश्रम के संचालकों ने रात को मुझे कुंभ से जाने के लिए बोल दिया था। उनको लगा ये फेमस हो गया है, इसे कुछ पता चलेगा तो हमारे खिलाफ जाएगा। उन्होंने कुछ भी बोल दिया कि मैं वहां से गुप्त साधना में चला गया हूं। वो लोग वैसे ही बकवास कर रहे हैं।
बता दें कि पहले जूना आखाड़े के आश्रम में मौजूद साधुओं ने बताया था कि, लगातार इंटरव्यू देते-देते अभय के दिमाग पर असर पड़ गया था और उन्होंने मीडिया से कुछ ऐसी बातें भी कहीं जो नहीं कहनी चाहिए थी। उनकी मानसिक स्तिथि बिगड़ने के बाद उन्हें जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी के पास भी ले जाया गया था। आचार्य ने उन्हें आश्राम छोड़ने की सलाह दी थी। अभ सिंह की मानसिक स्थिति देखकर जूना अखाड़े ने फैसला लिया कि उन्हें आश्रम छोड़ देना चाहिए और इसी के बाद देर रात को अभय आश्रम से चले गए।
हरियाणा से आने वाले अभय सिंह की यात्रा महाकुंभ की सबसे लोकप्रिय आध्यात्मिक कहानियों में से एक बन गई। अभय सिंह ने आईआईटी बॉम्बे में चार साल बिताए, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की लेकिन उन्होंने अपने करियर को छोड़ने का फैसला किया। अभय सिंह ने बाद में डिजाइन में मास्टर की पढ़ाई करके आर्ट्स में कदम रखा और फोटोग्राफी में करियर बनाने की सोची। कनाडा में काम करने और लगभग 3 लाख रुपये प्रति माह वेतन पाने के बावजूद, उन्होंने आध्यत्म की तरफ जाने का फैसला लिया।