महाराष्ट्र और गुजरात के कई हिस्सों में बुधवार को भी भारी बारिश जारी है। गुजरात के कई हिस्सों में मंगलवार को भी भारी बारिश का दौर जारी रहा। इस दौरान पिछले 24 घंटे में बारिश संबंधी घटनाओं में और छह लोगों की जान चली गई। अधिकारियों के अनुसार राज्य में बारिश संबंधी घटनाओं में एक जून से अभी तक 69 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, मुंबई में भारी बारिश से कई जगहों पर जलजमाव की सूचना है। यातायात भी बाधित हो गई है।
मुंबई में तेज हवाओं के साथ बारिश का कहर
मुंबई सहित महाराष्ट्र (Maharashtra) के कई जिलों में आज भी जोरदार बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने पालघर, रायगढ़, नासिक, पुणे, कोल्हापुर और सतारा जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, IMD ने मुंबई और ठाणे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मुंबई में मंगलवार रात भर धीमे-धीमे होती रही बारिश ने बुधवार सुबह से जोर पकड़ लिया है। मुंबई और इसके उपनगरीय क्षेत्रों में मंगलवार की सुबह भी भारी बारिश हुई थी और कुछ ही घटों में शहर के कई हिस्सों में बाढ़ आ गई थी।
मंगलवार को मुंबई और उसके उपनगरों में तेज हवाएं चलने के साथ ही भीषण बारिश हुई, जिसके बाद महानगर में जगह-जगह पर जलजमाव के कारण यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हार्बर लाइन के डॉकयार्ड रेलवे स्टेशन के पास एक पेट्रोलपंप के नजदीक एक पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। बाद में पेड़ को हटा दिया गया और यातायात बहाल हुआ, लेकिन इसकी गति बहुत धीमी है।
कुछ यात्रियों ने दावा किया कि मुंबई की जीवनरेखा कहलाने वाली लोकल ट्रेन सेवाओं में 5 से 10 मिनट की देरी हो रही है। बहरहाल, मध्य रेलवे और पश्चिमी रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि लोकल ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। मुंबई पुलिस ने बताया कि कुछ स्थानों पर दो फुट तक पानी भर गया है और कुछ पश्चिमी उपनगरों में वाहनों की आवाजाही धीमी है।
कुछ दिन तक हल्की बारिश होने के बाद सोमवार रात से महानगर में एक बार फिर भारी बारिश शुरू हुई। शहर और उपनगरों में मंगलवार सुबह से लगातार बारिश हो रही है। पालघर जिले के वसई इलाके में बुधवार सुबह भूस्खलन की घटना सामने आई है। हादसे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है, जबकि दो लोगों को बचाया गया। कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
महाराष्ट्र के अलावा गुजरात के शहर सबसे ज्यादा बारिश से प्रभावित हैं। गुजरात की सड़कों से लेकर घरों और अस्पतालों तक में पानी घुस गया है। यातायात पर भी असर पड़ा है। गुजरात के नवसारी, सूरत, डांग, राजकोट और वलसाड शहर जलमग्न है। इसके अलावा कई घर और दुकानें बारिश में जमींदोज हो गए हैं। इन जिलों में 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है। राजकोट में अस्पताल में पानी भरने पर मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया।
गुजरात के आपदा प्रबंधन मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों से कुल 27,896 लोगों को निकाला गया, जिनमें से 18,225 अब भी आश्रय गृह में है और बाकी अपने घर लौट गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी छोटा उदयपुर जिले के बारिश प्रभावित बोडेली कस्बे और कुछ अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण गुजरात के जिलों में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश जारी है तथा सौराष्ट्र क्षेत्र में कच्छ तथा राजकोट के कुछ इलाकों में सोमवार रात से भारी बारिश हो रही है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (एसईओसी) के अनुसार, कच्छ के अंजार तालुका में मंगलवार सुबह छह बजे से छह घंटे में 167 मिमी बारिश हुई, जबकि जिले के गांधीगनगर तालुका में 145 मिमी बारिश दर्ज की गई।
दक्षिण गुजरात के नर्मदा, सूरत, डांग, वलसाड तथा तापी जिलों और राज्य के मध्य भाग के पंचमहल तथा छोटा उदयपुर में पिछले एक दिन में भारी बारिश हुई। IMD ने सौराष्ट्र क्षेत्र के वलसाड, नवसारी, सूरत, तापी, डांग, नर्मदा, छोटा उदयपुर जिलों के साथ-साथ कच्छ, राजकोट, जामनगर, देवभूमि द्वारका और मोरबी में बुधवार सुबह तक भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाते हुए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।
नवसारी जिले में भारी बारिश जारी रहने से पूर्णा तथा अंबिका नदियां उफान पर हैं, जिससे कुछ निचले इलाकों में बाढ़ आ गई है। एक अधिकारी ने बताया कि नवसारी जिले के प्रभावित इलाकों से 9500 लोगों को अभी तक निकाला गया है। उन्होंने बताया कि दमकल विभाग के कर्मियों ने बाढ़ से घिरे एक आवासी सोसायटी से पांच दिन के एक शिशु समेत 20 लोगों को बचाया।