Ram Navami 2024: झारखंड के बोकारो से सांप्रदायिक सद्भाव की एक दिल छू जाने वाली कहानी सामने आई है। यह कहानी हिंदू धर्म के पवित्र त्योहार रामनवमी के दौरान की है। एक तरफ जहां देश में हिंदू मुस्लिम में विवाद देखने को मिलता वहीं इस रामनवमी इन दोनों समुदाय में भाईचारा का अद्भुत रूप देखने को मिला है। बता दें कि देशभर में रामनवमी 17 अप्रैल को मनाई जाएगी। राम नवमी, भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्री राम के जन्म के शुभ उत्सव के रूप में मनाया जाता है। 9 दिनों तक नवरात्र पर शक्ति की उपासना की जाती है। फिर नवरात्र के नौवें दिन धूमधाम के साथ मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
दरअसल, बोकारो के बेरमो प्रखंड के जरीडीह बाजार में गंगा-जमुना तहजीब मिसाल देखने को मिल रही है। यहां रामनवमी के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के कारीगर मोहम्मद अब्दुल अजीज बीते 40 वर्षों से हिंदू समुदाय के लिए महावीरी झंडा बना रहे हैं। उनके इस काम में उनके बेटे मोहम्मद नौशाद भी उनका साथ दे रहे हैं।
अजीज ने हमारे सहयोगी 'लोकल 18' से खास बातचीत में बताया कि यह काम उनके पिताजी स्वर्गीय शमसुद्दीन ने यह काम 70 साल पहले शुरू की थी। वह खुद अपने हाथों से महावीरी झंडा बनाते थे। उनके पिता शमसुद्दीन के गुजरने के बाद उन्होंने इस काम को जारी रखा और अब वह खुशी से इस काम को कर रहे हैं।
महावीरी झंडे की है अधिक मांग
मोहम्मद अब्दुल ने बताया कि उनके यहां सबसे अधिक ऑर्डर मीडियम साइज के 12×15 महावीरी झंडे कि मांग आ रही है। उनके द्वारा तैयार झंडे गोमिया, कसमार और फुसरो के बाजारों में बकती है। वहीं उनके यहां ग्राहक 20 रुपये से लेकर 2,000 रुपये तक के झंडे कि खरीदारी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपने साइज के आवश्यकता अनुसार झंडे का ऑर्डर भी दे सकते हैं। फिलहाल प्रतिदिन 200 पीस झंडे की बिक्री हो रही है।
अजीज के बेटे नौशाद ने 'लोकल 18' को बताया कि यह काम करके उन्हें बहुत खुशी होती है। क्योंकि उन्हें इसे धार्मिक सेवा करने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि ईश्वर एक है। इसलिए सभी को भाईचारा और मोहब्बत के साथ रहना चाहिए और आपसी नफरत को दूर करना चाहिए। बता दें कि रामनवमी भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान श्री राम की जयंती के तौर पर मनाया जाता है।