यह रामनवमी (Ram Navami) अयोध्या के लिए खास है। 22 जनवरी को राम मंदिर में राम लला के प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह पहली रामनवमी है। 500 सालों के बाद इस साल जनवरी में राम लला की अपनी जन्मभूमि में वापसी हुई थी। 17 अप्रैल को रामनवमी के दिन अयोध्या के राम मंदिर में सबसे ज्यादा चर्चा सूर्य तिलक की है। दिन में ठीक 12:16 मिनट पर सूर्य की किरणें राम लला के मस्तक पर पड़ेंगी। इस मौके के लिए खास तैयारियां की गई हैं। राम लला के लिए छप्पन भोग तैयार किए गए हैं। राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने इस बारे में विस्तार से बताया। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण होगा।
