एक्टर सैफ अली खान पर हमले ने एक नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि कई रिपोर्ट में ऐसे दावा किया गया था कि हमला करने वाला एक मजदूर है और वह शायद भारत का नागरिक नहीं है और उसने अपनी पहचान गलत बताई। इसी के मद्देनजर डेवलपर्स और कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि मजदूरों की पहचान और क्रिमिनल रिकॉर्ड का पूरी तरह से वेरिफिकेशन कर पाना लगभग असंभव होता है। उनका कहना है कि दूसरे राज्यों से मजदूरों की आउटसोर्सिंग के बढ़ते लेवल के कारण यह काम और भी मुश्किल हो गया है।
