Shailaja Paik: दलित महिलाओं पर रिसर्च और कई किताब लिखने वाली भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर शैलजा पाइक (Who is Shailaja Paik) को मैकआर्थर फाउंडेशन से 800,000 डॉलर का 'जीनियस ग्रांट' मिला है। मैकआर्थर फाउंडेशन (MacArthur Foundation) हर साल असाधारण उपलब्धियों या क्षमता वाले लोगों को यह पुरस्कार देता है। शैलजा पाइक $800000 की प्रतिष्ठित 'जीनियस ग्रांट' कहे जाने वाले 'मैकआर्थर फेलोशिप (MacArthur Fellowship)' पाने वाली पहली भारतीय दलित महिला बन गई हैं। पुणे के यरवदा झुग्गी बस्ती में अपने माता-पिता और तीन बहनों के साथ टिन के डिब्बे में पली-बढ़ी प्रोफेसर शैलजा पाइक ने घातक जातिगत पूर्वाग्रहों से लड़ाई लड़ी।
