Shivpuri Rape Case: मध्य प्रदेश के शिवपुरी में पांच साल की एक बच्ची के साथ 17 वर्षीय पड़ोसी किशोर ने हैवानियत की सभी हदें पार कर दी। मासूम के साथ पहले बलात्कार किया गया। उसके चेहरे से लेकर प्राइवेट पार्ट्स तक कई जगह दांतों से काटने के निशान हैं। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर 28 से ज्यादा टांके लगाने पड़े हैं। बच्ची लहूलुहान हालत में मिली थी। मेडिकल जांच में डॉक्टरों ने बच्ची के प्राइवेट पार्ट और चेहरे पर दांत से काटने के गंभीर निशान पाए। डॉक्टरों के अनुसार, जब उसे अस्पताल लाया गया तो बच्ची की हालत गंभीर थी। आरोपी ने रेप के बाद दीवार से पटककर उसे पीटा था।
पुलिस ने बताया कि रेप के बाद उसके प्राइवेट पार्ट को दांतों से काटा गया है। मासूम को सिर से कई बार दीवार और जमीन पर पटका गया है। उसके शरीर पर भी कई जगह दातों से काटने के निशान थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची को ग्वालियर के कमला राजा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके कोलोस्टॉमी का ऑपरेशन किया गया। पीड़िता फिलहाल ICU में अपनी जिंदगी की जंग लड़ रही है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर नाबालिग के तौर पर मुकदमा चल रहा है।
डॉक्टरों ने बताया कि लड़की के प्राइवेट पार्ट को बहुत नुकसान पहुंचा है। प्रभावित हिस्सों को फिर से बनाने के लिए उसका जटिल ऑपरेशन किया गया है। पीड़िता के परिवार ने बलात्कार के आरोपी के लिए मौत की मांग की। 23 फरवरी को शराब पीने वाले किशोर ने लड़की के साथ बलात्कार किया था। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी लड़की को उसके घर की छत से बहला-फुसलाकर सुनसान जगह पर ले गया, जहां इस अपराध को अंजाम दिया गया।
पीड़िता के परिवार ने आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग की है। उन्होंने कहा कि उसे या तो फांसी पर लटका देना चाहिए या सड़क पर गोली मार देनी चाहिए। लड़की के माता-पिता ने उसे दो घंटे से अधिक समय तक खोजने के बाद पाया। जब उसे पाया गया तो वह खून से लथपथ थी। बताया जा रहा है कि लड़की अब होश में है। लेकिन हमले के बाद से उसने कुछ नहीं कहा है।
पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है। उस पर नाबालिग अपराधी के तौर पर मुकदमा चलाया जा रहा है। कांग्रेस और बीजेपी नेताओं ने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए और उसे मौत की सजा दी जाए। इस संबंध में उन्होंने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस क्षेत्र में नाराज स्थानीय लोगों और राजनीतिक पार्टी के नेताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया।