पुणे के स्वारगेट बस स्टैंड पर हुए शर्मनाक रेप के मामले में महाराष्ट्र पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 36 साल के आरोपी दत्तात्रेय रामदास गाडे को पुणे पुलिस ने शिरुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि वह देर रात किसी के घर खाना खाने गया था। उसी शख्स ने पुलिस को उसके बारे में जानकारी दी। फिर पुलिस ने देर रात उसे एक गन्ने खेत से दबोच लिया। पुलिस आज आरोपी को कोर्ट में पेश करेगी। पुणे सिटी डीसीपी क्राइम निखिल पिंगले ने बताया कि आरोपी पिछले दो दिनों से उसी के गांव मे छिपा कर बैठा हुआ था।
मामले की जांच में पुलिस ने 13 टीमें बनाई थी। आरोपी को ढूंढने के लिए एक लाख का इनाम भी घोषित किया गया था। आरोपी गाडे शिरुर तालुका के एक खेत में छिपा हुआ था। गांव में भी पुलिस दबिश दी थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया।
पुलिस ने ड्रोन की ली थी मदद
पुलिस ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इस मामले में टेक्नोल़ॉजी का भी इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने उसे एक नजदीक खेत से खोज निकाला। आरोपी को पकड़ने के लिए ड्रोन और डॉग स्क्वायड की मदद ली गई। पुलिस खेतों में कैंप भी कर रही थी। पुणे पुलिस ने आरोपी के पैतृक गांव गुनात में गन्ने के खेतों में तलाशी अभियान चलाया था। पुलिस को संदेह था कि वह वहां गन्ने के खेत में छिपा हो सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों समेत 100 से अधिक पुलिसकर्मी आरोपी को पकड़ने में जुटे हुए थे। इसके अलावा, पुलिस ने पुणे के मेन एंट्री और एग्जिट प्वाइंटों पर के साथ-साथ महत्वपूर्ण बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी थी।
पुणे का स्वारगेट बस डिपो महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (MSRTC) के सबसे बड़े बस डिपो में से एक है। पीड़ित महिला मेडिकल फील्ड में काम करती है। उसने बताया है कि वह 25 फरवरी की सुबह करीब 5.45 पर फलटण, सतारा की बस का इंतजार कर रही थी। उस दौरान एक शख्स उसके पास आया और उसे 'दीदी' (ताई) कह कर बुलाया। शख्स ने कहा कि सतारा की बसें दूसरे प्लेटफॉर्म पर आई हैं। इसके बाद आरोपी उस महिला को स्टेशन के किसी और प्लेटफॉर्म पर खाली खड़ी 'शिव शाही' एसी बस में ले गया। बस में लाइटें बंद थीं। पूरी तरह से अंधेरा था। लिहाजा महिला बस में चढ़ने से डर रही थी लेकिन आरोपी ने उसे बार-बार यह बताने की कोशिश की कि यही सही बस है। बस में ले जाने के बाद आरोपी ने महिला से हैवानियत की और फिर भाग गया। भागने से पहले उसने पीड़िता को धमकी दी कि किसी को इसके बारे में न बताए।