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सियाचिन में 38 साल बाद शहीद लांसनायक चंद्रशेखर का मिला शव, पाकिस्तानी सैनिकों के साथ झड़प के दौरान हुए थे लापता

वर्ष 1984 में शांति देवी को सियाचिन में पाकिस्तानी सैनिकों के साथ झड़प के दौरान पति के लापता होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद वह पिछले 38 साल से उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करने का इंतजार कर रही थीं

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 17, 2022 पर 3:20 PM
सियाचिन में 38 साल बाद शहीद लांसनायक चंद्रशेखर का मिला शव, पाकिस्तानी सैनिकों के साथ झड़प के दौरान हुए थे लापता
19 कुमाऊं रेजीमेंट के जवान का शव सियाचिन के पुराने बंकर में मिला है

सियाचिन (Siachen) ग्लेशियर में साल 1984 में लापता हुए शहीद लांसनायक चंद्रशेखर हर्बोला (Lance Naik Chandrashekhar Harbol) का पार्थिव शरीर 38 साल बाद मिला है। जी हां, भारत-पाकिस्तान के बीच 38 साल पहले हुई एक झड़प के दौरान बर्फीली चट्टान की चपेट में आकर लापता हुए 19 कुमाऊं रेजीमेंट के जवान का शव सियाचिन के पुराने बंकर में मिला है।

दुनिया की सबसे ऊंची रणभूमि सियाचिन में जवान चंद्रशेखर हर्बोला का शव मिलने की जानकारी रविवार 15 अगस्त को कुमाऊं रेजीमेंट रानीखेत के सैनिक ग्रुप केंद्र की ओर से परिजनों को दी गई। हर्बोला के साथ एक और सैनिक का शव मिलने की सूचना है। मूल रूप से अल्मोड़ा के निवासी हर्बोला की पत्नी शांति देवी इस समय हल्द्वानी की सरस्वती विहार कॉलोनी में रहती हैं।

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