इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति की पत्नी और यूनाइटेड किंगडम (UK) के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक (Rishi Sunak) की सास सुधा मूर्ति (Sudha Murthy) ने हाल ही में एक ऐसा किस्सा सुनाया जिसकी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। दरअसल, जब वह बीते दिनों अपनी बेटी और दामाद से मिलने ब्रिटेन गई थीं, तो एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारी यह मानने को तैयार नहीं हो रहे थे कि लंदन में उनका पता 10 डाउनिंग स्ट्रीट (10 Downing Street) है। बता दें कि 10 डाउनिंग स्ट्रीट ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक का आधिकारिक आवास और ऑफिस है। सुधा मूर्ति ने इमिग्रेशन फॉर्म में इसका जिक्र किया था। हाल में 'द कपिल शर्मा शो' (Sudha Murthy in The Kapil Sharma Show) के दौरान पद्म पुरस्कार विजेता ने यह शानदार पूरा किस्सा सुनाया।
आपको बता दें कि भारतीय मूल के ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की शादी सुधा मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से हुई है। इसलिए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक उनके दामाद हैं। नारायण मूर्ति की पत्नी के साथ-साथ वह जानी-मानी लेखिका और परोपकारी भी हैं। इतना सबकुछ होने के बावजूद सुधा बेहद सादगी से रहती हैं। उनकी यह सादगी कई लोगों को चौंका तक देती है। सादगी को वह अपना सबसे बड़ा आभूषण मानती हैं।
द कपिल शर्मा शो के ताजा एपिसोड में सुधा ने कहा कि कोई भी विश्वास नहीं करता है कि वह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की सास हो सकती हैं। सुधा ने बताया कि वह अपनी बेटी से मिलने के लिए पिछले दिनों ब्रिटेन गई थीं। एयरपोर्ट पर उतरने के बाद इमिग्रेशन अधिकारी ने उनसे रेजिडेंशियल एड्रेस के बारे में पूछा। उनसे पूछा गया कि लंदन में आप वह कहां रहती हैं।
इस दौरान सुधा की बड़ी बहन भी उनके साथ थीं। दोनों को लगा कि उन्हें एड्रेस 10 डाउनिंग स्ट्रीट लिखना चाहिए। सुधा का बेटा भी ब्रिटेन में रहता है। लेकिन, उन्हें अपने बेटे का पूरा एड्रेस नहीं याद था। लिहाजा, उन्होंने एड्रेस 10 डाउनिंग स्ट्रीट लिख दिया।
इसके बाद इमिग्रेशन अधिकारी ने अविश्वसनीय रूप से उन्हें देखा और पूछा, "क्या आप मजाक कर रही हैं?" तब मैंने कहा, "नहीं, मैं सच कह रही हूं।" इसके बाद इमिग्रेशन अधिकारी पूरी तरह हक्का बक्का था। उसके होश उड़ गए। उसे यकीन करना मुश्किल हो रहा था कि उसके सामने सादी सी साड़ी में खड़ी महिला कोई और नहीं बल्कि उनके देश को चलाने वाले प्रधानमंत्री की सास हैं।
अपने इस अनुभव को बताते हुए उन्होंने आगे कहा कि दिखावे में धोखा हो सकता है। लोगों के रूप रंग के आधार पर उनके बारे में धारणा बनाना आसान है, लेकिन वे धारणाएं अक्सर गलत साबित हो सकती हैं। बता दें कि हाल में सुधा मूर्ति को 'पद्म भूषण' सम्मान से नवाजा गया था। यह भारत रत्न और पद्म विभूषण के बाद देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।