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Surya Grahan 2024: सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण आज, धरती पर रहेगा अंधेरा, जानिए क्यों लगता है ग्रहण

Surya Grahan 2024: आज (8 अप्रैल 2024) साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। यह सूर्य ग्रहण 50 सालों बाद सबसे लंबा चलने वाला ग्रहण होगा। यह करीब 5 घंटे और 25 मिनट तक चलेगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। जिसके चलते जब ग्रहण अपने चरम पर होगा तब कुछ समय के लिए पृथ्वी पर अंधेरा छा जाएगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 08, 2024 पर 12:51 PM
Surya Grahan 2024: सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण आज, धरती पर रहेगा अंधेरा, जानिए क्यों लगता है ग्रहण
Surya Grahan 2024: आज का सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। लिहाजा सूतक काल मान्य नहीं होगा।

Surya Grahan 2024: 8 अप्रैल यानी आज सोमवार को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। पहला सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2024) बहुत महत्वपूर्ण होगा। इसकी वजह ये है कि ये एक पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse 2024) है। ये काफी लंबा माना जा रहा है। सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले लग जाता है। भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2024) सोमवार (8 अप्रैल 2024) की रात 9.12 बजे शुरू होगा। ये मंगलवार (9 अप्रैल, 204)) की रात 2.22 बजे तक रहेगा। यह सूर्य ग्रहण अमेरिका, मैक्सिको, कनाडा और उत्तरी अमेरिका जैसे कई देशों में देखने को मिलेगा।

आज साल 2024 का पहला सूर्य ग्रहण एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। ये काफी लंबा होगा।  इस सूर्य ग्रहण की अवधि करीब 5 घंटे 25 मिनट की होगी। इसमें लगभग 7.5 मिनट का समय ऐसा रहेगा। जब पूरी धरती पर अंधेरा छा जाएगा। ऐसा संयोग पूरे 54 साल बाद बना है। साल 2024 का पहला सूर्य ग्रहण है, जो भारत में नहीं दिखेगा। ऐसे में भारतीयों को निराशा होने की जरूरत नहीं है। इसकी वजह ये है कि आप इसे नासा (Nasa) के आधिकारिक यू-टूयब चैनल पर देख सकते हैं।

जानिए कब लगता है सूर्य ग्रहण

विज्ञान के अनुसार, चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर एक कक्षा में परिक्रमा करता है। इसी समय पृथ्वी भी सूर्य की परिक्रमा करती है। परिक्रमा के दौरान कभी-कभी चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। उस समय पृथ्वी पर सूर्य का प्रकाश न पड़कर चंद्रमा की परछाई नजर आने लगती है। इसी स्थिति को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। खगोलशास्त्र और विज्ञान में इसे ही सूर्य ग्रहण कहते हैं। सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन ही लगता है। इसकी वजह ये है कि अमावस्या में चंद्रमा पृथ्वी के कक्षीय समतल के निकट होता है। सूर्य ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं। आंशिक सूर्य ग्रहण, वलयाकार सूर्य ग्रहण और पूर्ण सूर्य ग्रहण।

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