Telangana tunnel collapse: मजदूरों तक पहुंचने के लिए बोरिंग मशीन से कटाई शुरू, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Telangana tunnel collapse: तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में एक सुरंग के अंदर फंसे आठ मजदूरों को पांच दिन हो चुके हैं। बचावकर्मियों को उम्मीद है कि सुरंग खोदने वाली मशीन को काटकर वे इन मजदूरों तक पहुंच जाएंगे। मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है

अपडेटेड Feb 27, 2025 पर 2:05 PM
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Telangana tunnel collapse: SLBC सुरंग में फंसे आठ मजदूरों को बचाने के लिए कई एजेंसियां कोशिश में जुटी हुई हैं।

तेलंगाना के नागरकुरनूल में निर्माणाधीन श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) टनल का एक हिस्सा 22 फरवरी को ढह गया था। इसमें 8 मजदूर फंस गए थए। इन्हें सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, रेस्क्यू टीमों ने फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए अब टनल बोरिंग मशीन (TBM) के हिस्से और अन्य बाधाओं काटकर रास्ते से हटाना शुरू कर दिया है। नागरकुरनूल के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लोग गैस-कटिंग उपकरण का उपयोग करके मशीन को काटकर एक एक्सेस पॉइंट बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि गाद और अन्य मलबे को हटाने की प्रक्रिया एक साथ चल रही है।

बचाव अभियान में भारतीय सेना, नौसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और रैट माइनर्स की टीमें शामिल हैं। इसके अलावा, राज्य सरकार ने सुरंग निर्माण और बचाव अभियानों का अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों और रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों से भी सलाह ली है। भारतीय मरीन कमांडो फोर्स (MARCOS) और सीमा सड़क संगठन (BRO) को भी इस अभियान में शामिल किया गया है।

मजदूरों ने काम छोड़ना शुरू कर दिया


वहीं ये भी कहा जा रहा है कि हादसे के बाद टनल में काम कर रहे कुछ मजदूर डर गए हैं। लिहाजा काम छोड़कर चले गए हैं। एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने बताया कि श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) प्रोजेक्ट में 800 लोग काम कर रहे हैं। इनमें से 300 लोकल और बाकी झारखंड, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से हैं। अधिकारी ने यह भी कहा कि शुरुआत में मजदूरों में डर जरूर है। हालांकि कंपनी ने उनके लिए आवासीय कैंप बनाए हैं। कुछ मजदूर काम छोड़कर जाना चाहते हैं। लेकिन अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि क्या सभी मजदूर काम छोड़कर जाना चाहते हैं। वहीं तेलंगाना के सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि बचाव अभियान अगले दो दिनों में पूरा होने की उम्मीद है।

खोजी कुत्तों की मदद लेने की योजना

बचाव दल अब खोजी कुत्तों की मदद लेने की योजना बना रहा है। आला अफसरों का कहना है कि सबसे पहले फंसे हुए लोगों का पता करना है। हालांकि, कल रात बचाव दल ने सुरंग में संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। नागरकुरनूल के पुलिस अधीक्षक वैभव गायकवाड़ के अनुसार, 20 सदस्यीय बचाव दल सुरंग के अंतिम बिंदु तक पहुंचने में सफल रहा है, जबकि पहले कीचड़ और मलबे के कारण वे सिर्फ 50 मीटर की दूरी तक ही पहुंच पाए थे।

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