Padma Awards 2023: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को दिग्गज समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव और मशहूर डॉक्टर दिलीप महलानाबिस को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति की पत्नी और इंफोसिस फाउंडेशन की चेयरपर्सन सुधा मूर्ति (Sudha Murthy) को भी सामाजिक कार्यों के लिए पद्म भूषण से सम्मनित किया गया। इस सम्मान समारोह में सुधा अपने पूरे परिवार के साथ पहुंची थीं। इनमें उनकी बेटी और ब्रिटेन की फर्स्ट लेडी अक्षता मूर्ति (Akshata Murthy) भी शामिल थीं। इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति और लेखिका सुधा मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति ब्रिटेन के भारतीय मूल के पहले प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की पत्नी हैं।
सादगी भरे अंदाज में पहुंचीं अक्षता
पद्म सम्मान समारोह के दौरान भी बेहद सादगी भरे अंदाज में अक्षता पहुंची थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले अक्षता एनआर नारायण मूर्ति के परिवार के साथ अतिथियों के बीच वाली लाइन में बैठीं थीं। उन्हें पीछे की पंक्ति में बैठाया गया था। हालांकि, जब इसकी जानकारी सरकारी अधिकारियों को हुई तो उन्होंने अक्षता को सबसे आगे की पंक्ति वाली सीट पर ससम्मान बैठाया। अक्षता को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बगल में सीट दी गई।
उनके दूसरी तरफ उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बैठे थे। इसके अलावा अनुराग ठाकुर जैसे मंत्री भी उसी कतार में थे। जब समारोह की शुरुआत और अंत में राष्ट्रगान बजाया गया तो अक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बगल में खड़ी दिखीं। मां सुधा मूर्ति को जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पद्म पुरस्कार से सम्मानित कर रहीं थीं, तो अक्षता के आंखों की चमक देखने लायक थी।
वह लगातार तालियां बजा रहीं थीं। इस दौरान वह काफी खुश दिखीं। इस कार्यक्रम में अक्षता बहुत ही सागदी से पहुंची थीं। समारोह में अक्षता के साथ कोई ब्रिटिश सुरक्षाकर्मी नहीं था। अक्षता के साथ उनके पिता नारायण मूर्ति, भाई रोहन मूर्ति और मां सुधा मूर्ति की बहन भी थीं।
ऋषि सुनक और अक्षता ने 2006 में बेंगलुरु में दो दिवसीय समारोह में शादी की थी। कपल की दो बेटियां कृष्णा तथा अनुष्का हैं जो स्कूल जाती हैं। टैक्स से सबंधित मुद्दे के उठने के बीच अक्षता ने पिछले साल अक्टूबर में सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘ऋषि ने हमेशा इस तथ्य का सम्मान किया है कि मैं भारतीय हूं। मुझे अपने देश पर उतना ही गर्व है जितना कि उन्हें अपने देश पर।’
अक्षता ने कहा, ‘उन्होंने मुझे अपनी भारतीय नागरिकता, भारत से संबंध या मेरे व्यावसायिक मामलों को छोड़ने के लिए कभी नहीं कहा। भले ही इस तरह के कदम उनके लिए राजनीतिक रूप से चीजों को सरल बना देते।’
उन्होंने अपने पति के राजनीतिक करियर के समक्ष आ रही बाधा का मुकाबला करने के लिए अपनी कानूनी गैर-अधिवास स्थिति को त्याग दिया। जिसका अर्थ है कि वह अब ब्रिटेन में इंफोसिस के शेयर से अपनी सभी भारतीय आय पर टैक्स का भुगतान करती हैं।