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UP के पीलीभीत में लेखपाल ने कागजों में कर दिया खेल, किसान कटोर लेकर मांग रहा भीख

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। लेखापल ने 3 बीघा खेती करने वाले किसान का आय प्रमाण पत्र कमाई से ज्यादा जारी कर दिया। जिससे किसान को कई सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं मिला। ऐसे में किसान कटोर लेकर SDM के पास पहुंच गए और न्याय की भीख मांगने लगे। इसके बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 01, 2024 पर 9:23 AM
UP के पीलीभीत में लेखपाल ने कागजों में कर दिया खेल, किसान कटोर लेकर मांग रहा भीख
पीलीभीत के जिला अधिकारी ने लेखपाल को सस्पेंड करने के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं।

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में लेखपाल की मनमानी का शिकार हुआ एक पीड़ित किसान SDM की चौखट पर कटोर लेकर पहुंच गए। इसके बाद न्याय की गुहार लगाई। किसान के हाथ में कटोरा देखते ही पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी मिलते ही पीलीभीत के डीएम संजय कुमार सिंह फौरन एक्शन मोड में आ गए। लेखपाल को सस्पेंड करने का निर्देश एसडीएम को दिया है। इसके साथ ही मामले की जांच तहसीलदार को दी है। बता दें कि पीलीभीत के बीसलपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नागीपुर अखोला गांव का रहने वाला बादाम सिंह कटोरा लेकर बीसलपुर के एसडीएम नागेंद्र पांडे के ऑफिस पहुंचे थे।

पीड़ित किसान ने एसडीएम के सामने अपनी समस्या बताई। बादाम सिंह ने कहा कि तत्कालीन हल्का लेखपाल ने उसकी तीन बीघा जमीन होने के बाद भी 51000 रुपये सालाना आय का प्रमाण पत्र बना दिया। जबकि गांव के ही एक व्यक्ति की तीन एकड़ जमीन है। उसका सर्टिफिकेट 46000 रुपये सालाना लिखी गई है। उसने बताया था कि ज्यादा आय का सर्टिफिकेट बनने की वजह से उसे अपनी बेटी की शादी में अनुदान भी नहीं मिला है।

लेखपाल हो गए सस्पेंड

बादाम सिंह ने बताया कि वो अपने आय प्रमाण पत्र में संशोधन के लिए विभाग के 9 महीने से चक्कर काट रहे हैं। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लिहाजा वो अपने हाथ में कटोरा लेकर एसडीएम दफ्तर पहुंच गए। वहां न्याय की मांग करने लगे। हाथ में कटोरा लिए फ़रियादी को देख पूरे दफ्तर में लोग सन्न रह गए। वहां बीसलपुर के एसडीएम नागेंद्र पांडे ने बताया है मामले की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी महोदय के निर्देश पर लेखपाल ललित मोहन को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच तहसीलदार को दी गई है।

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