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UP News: वाहन मालिकों को गुड न्यूज, स्मार्ट कार्ड होगा RC, लगेगी चिप, मिलेगी पूरी जानकारी

RC of Vehicles: उत्तर प्रदेश में नए वाहन खरीदने वाले मालिकों के लिए खुशखबरी सामने आई है। राज्य में योगी सरकार ने नया वाहन खरीदने वालों के लिए स्मार्ट कार्ड की तरह रजिस्ट्रेशन सार्टिफिकेट होगा। इसमें एक चिप लगाई जाएगी। जिससे पूरी डिटेल मिल जाएगी। इससे आरसी के गीले होने, कटने-फटने की समस्या खत्म हो जाएगी। वहीं डिजिटलाइजेशन से भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी

Edited By: Jitendra Singhअपडेटेड Mar 12, 2025 पर 12:58 PM
UP News: वाहन मालिकों को गुड न्यूज, स्मार्ट कार्ड होगा RC, लगेगी चिप, मिलेगी पूरी जानकारी
RC of Vehicles: स्‍मार्ट आरसी के माइक्रो चिप में वाहन का डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा।

उत्तर प्रदेश के वाहन मालिकों को अब पेपर के बजाय चिप से लैस स्मार्ट कार्ड आरसी मुहैया कराया जाएगा। इससे दोपहिया या चारपहिया वाहन का रजिस्ट्रेशन सार्टिफिकेट ड्राइविंग लाइसेंस की तरह स्मार्ट कार्ड होगा। चिप से लैस इस स्मार्ट कार्ड आरसी को अपने साथ ले जाने में वाहन मालिकों को आसानी रहेगी। इस स्मार्ट कार्ड वाले आरसी में वाहन से जुड़ी पूरी डिटेल दर्ज रहेगी। इससे आरसी के गीले होने, कटने-फटने की समस्या खत्म हो जाएगी। वहीं डिजिटलाइजेशन से भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। राज्य सरकार के इस फैसले से वाहन मालिकों को अपने दस्तावेज संभालने में सहूलियत मिलेगी और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता भी आएगी।

उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि स्मार्ट कार्ड आरसी में दो तरह के डेटा एकत्र रहेंगे। पहला, भौतिक रूप से दिखने वाला भाग और दूसरा कार्ड रीडर मशीन से पढ़ा जाने वाला हिस्सा रहेगा।

रीडर मशीन से मिलेगी ये जानकारी

रीडर मशीन के जरिए जो जानकारी सामने आएगी, उसमें वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, तारीख और वैलिडिटी समेत पूरी जानकारी मिलेगी। इसके अलावा चेचिस नंबर, इंजन नंबर, वाहन मालिक का नाम, पता. ईंधन का प्रकार, प्रदूषण मानक, वाहन का मॉडल और रंग, सीटिंग, स्टैंडिंग और स्लीपिंग क्षमता, वजन क्षमता, हॉर्स पावर, व्हील बेस और फाइनेंसर का नाम समेत कई जानकारी मिलेगी। इससे जांच प्रक्रिया और आसान होने के साथ पारदर्शी भी होगी। इस निर्णय से परिवहन विभाग और पुलिस की जांच प्रक्रिया को डिजिटल रूप से मजबूत किया जाएगा। कार्ड रीडर के जरिए मौके पर ही आरसी की सत्यता जांची जा सकेगी। कोई भी फर्जीवाड़ा या डुप्लीकेट आरसी बनाना असंभव हो जाएगा।

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