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अरबपति बिजनेसमैन अनिल अग्रवाल का 'एक-चौथाई' सिद्धांत, जिसने उन्हें और उनकी बेटी प्रिया को ब्रिटेन में दिलाई सफलता

अरबपति बिजनेसमैन और वेंदाता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपनी सफलता के पीछे के उस 'मंत्र' को बताया जिसने उन्हें यूनाइटेड किंगडम (UK) में अपना पैर जमाने और कारोबार खड़ा करने में मदद की

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 08, 2022 पर 8:16 PM
अरबपति बिजनेसमैन अनिल अग्रवाल का 'एक-चौथाई' सिद्धांत, जिसने उन्हें और उनकी बेटी प्रिया को ब्रिटेन में दिलाई सफलता
अरबपति बिजनेसमैन और वेंदाता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और उनकी बेटी प्रिया अग्रवाल

अरबपति बिजनेसमैन और वेंदाता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपनी सफलता के पीछे लगातार कड़ी मेहनत और '25% के सिद्धांत' को श्रेय दिया। अनिल अग्रवाल ने इस '25% के सिद्धांत' ने उन्हें और उनकी बेटी को इंग्लैंड में अपना पैर जमाने में मदद की। साथ ही वह सिद्धांत की मदद से 3 मिलियन पाउंड का लोन हासिल कर पाए थे, जिसने उन्होंने अपनी पहली बड़ी कंपनी का अधिग्रहण किया था।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक पोस्ट में अनिल अग्रवाल ने बताया, "मैं हमेशा युवाओं से कहता रहता हूं कि कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। आज मैं आपको उस '25% नियम' के बारे में बताता हूं जिसने मुझे यूनाइटेड किंगडम (UK) में अपना पैर जमाने में मदद की।"

उन्होंने आगे कहा, "शुरुआती कुछ महीने कठिन थे। मैं नए मौकों को लेकर उत्साहित था, लेकिन विदेश में अपना नाम बनाने को लेकर घबराया भी हुआ था। मैनचेस्टर जाने वाली ट्रेन में मैंने सुना कि एक केबल कंपनी 'ड्यूराट्यूब (Duratube)' दिवालिया हो गई है और मैं इसे खरीदने के बारे में सोचने लगा।"

मैंने तुरंत HSBC के एक बैंकर को फोन किया और उनसे कंपनी के बारे में जानकारी ली। मुझे पता चला कि उस समय ड्यूराट्यूब ब्रिटिश टेलीकॉम का इकलौता सप्लायर था और इसका मुख्यालय फेलथम में था।

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