Vedanta chief Anil Agarwal : एक शुभ काम से पहले दही और चीनी खाना सदियों से भारत की परम्परा रही है। लेकिन जब एक अरबपति अपनी सफलता का श्रेय दही और चीनी को दें तो आप क्या कहेंगे? जी हां, आपने सही सुना। वेदांता रिसोर्सेज (Vedanta Resources Limited) के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) ने अपनी सफलता के लिए न सिर्फ दही-चीनी को श्रेय दिया, बल्कि वह यह भी मानते हैं कि किसी अहम भाषण से पहले दही-चीनी लेने से उनकी पब्लिक स्पीकिंग में सुधार होता है। अग्रवाल ने ट्विटर पर ऐसे ही कुछ विचार साझा किए हैं।
अग्रवाल ने लिखा, “किसी भी बड़े संबोधन से पहले, मैं कुछ दही चीनी खाता हूं। यह मेरा पुराना लकी चार्म यानी टोटका है। मेरी मां मुझे यही खिलाया करती थीं, जब मैं छोटा था। यह न सिर्फ परम्परा के रूप में बल्कि उनका आशीर्वाद भी था। लोग इसे मीठा दही भी कहते हैं, मगर मेरे लिए तो यह मेरी मांजी का आशीर्वाद है।”
दही एक प्राकृतिक कूलैंट के रूप में कार्य करता है यानी शीतलता देता है और कैल्शियम, विटामिन बी-2 और बी-12, पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। यह शरीर को शांत करने में मदद करता है, वहीं चीनी का एक चम्मच तुरंत ऊर्जा लाता है।
आयुर्वेद में भी कहा गया है कि यदि दही और चीनी को मिलाकर खाया जाए तो इससे दिन भर शरीर एक्टिव रहता है।
लगा रहे हैं सेमीकंडक्टर प्लांट
हाल में, अग्रवाल ने इस बात की पुष्टि की कि उनकी कंपनी ने ताइवान की दिग्गज इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर फॉक्सकॉन (Foxconn) के साथ ज्वाइंट वेंचर बनाया है। अब गुजरात में एक सेमीकंडक्टर चिप्स और डिसप्ले यूनिट्स के लिए एक प्रोडक्शन प्लांट लगाने की योजना है। दोनों कंपनियों ने राज्य में एक यूनिट लगाने के लिए गुजरात सरकार के साथ एक समझौता भी किया है।