Vivo phones : भारतीय अधिकारियों ने चीन की स्मार्टफोन कंपनी वीवो की भारत से पड़ोसी देशों को निर्यात की योजना को तगड़ा झटका दिया है। भारत ने वीवो के लगभग 27,000 स्मार्टफोन के निर्यात को एक सप्ताह से ज्यादा समय तक रोक दिया है। इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, फाइनेंस मिनिस्ट्री (Finance Ministry) के तहत आने वाली भारत की रेवेन्यू इंटेलिजेंस यूनिट नई दिल्ली हवाई अड्डे पर वीवो कम्युनिकेशंस टेक्नोलॉजी कंपनी (Vivo Communications Technology Co) के बनाए गए स्मार्टफोन को रोक रही है। कंपनी पर अपने डिवाइस मॉडल्स और उनकी वैल्यू के बारे में गलत जानकारी देने का आरोप है।
कितनी है इन स्मार्टफोन्स की कीमत
एक सूत्र के मुताबिक, इन स्मार्टफोन्स की कीमत लगभग 1.5 करोड़ डॉलर है। इस संबंध में भेजे गए ईमेल पर फाइनेंस मिनिस्ट्री और वीवो इंडिया की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक इंडस्ट्री लॉबी ग्रुप ने सरकारी एजेंसी की कार्रवाई को “एकतरफा और बेतुका” बताया है। इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने 2 दिसंबर को भारत की टेक मिनिस्ट्री के टॉप ब्यूरोक्रेट्स को भेजे लेटर में लिखा, “हम इस अफसोसजनक कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए तुरंत दखल देने की मांग करते हैं।”
उन्होंने कहा, इस तरह की अनुचित कार्रवाई से भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट्स हतोत्साहित होगा।
चीनी कंपनियों पर जारी है सख्ती
2020 में हिमालयी सीमाओं पर भारत और चीन की सेनाओं के टकराव के बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक मतभेद खासे बढ़ गए थे। नई दिल्ली ने SAIC Motor Corp Ltd की MG Motor India और Xiaomi Corp और ZTE Corp की स्थानीय यूनिट्स पर भी सख्ती खासी बढ़ा दी थी।
हवाईअड्डे पर वीवो के शिपमेंट में रुकावट से भारत में अन्य चीनी स्मार्टफोन कंपनियों के हतोत्साहित होने की संभावना है। दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व वाली एक राष्ट्रवादी सरकार उन्हें निर्यात बढ़ाने और स्थानीय सप्लाई चेन विकसित करने के लिए प्रेरित कर रही है।