प्रेम मंदिर के संस्थापक जगद्‌गुरु कृपालु महाराज की बेटी की मौत, यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा

मथुरा-वृंदावन वाले प्रेम मंदिर के संस्थापक कृपालु महाराज की तीन बेटियों के साथ बड़ा हादसा हुआ है। वे दिल्ली जा रही थीं तभी यमुना एक्सप्रेसवे पर एक्सीडेंट हो गया। इसमें बड़ी बेटी विशाखा त्रिपाठी की मौत हो गई। वहीं दो अन्य बेटियां कृष्णा और श्यामा घायल हो गईं हैं। उनका इलाज चल रहा है

अपडेटेड Nov 25, 2024 पर 12:07 PM
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कृपालु महाराज की बेटी सिंगापुर की फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट जा रहीं थी। तभी ये हादसा हो गया।

उत्तर प्रदेश के मथुरा वृंदावन स्थित प्रेम मंदिर के संस्थापक कृपालु महाराज की बड़ी बेटी विशाखा त्रिपाठी की सड़क हादसे में मौत हो गई। रविवार सुबह यमुना एक्सप्रेस-वे पर नोएडा के पास ये सड़क हादसा हुआ था। इस घटना में उनकी दो बहनों समेत सात अन्य लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए। महाराज की दो अन्य बेटियां कृष्णा और श्यामा का अस्पताल में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि महाराज की तीनों बेटियां सिंगापुर जाने के लिए जेवर एयरपोर्ट के लिए निकलीं थीं। हादसा यमुना एक्सप्रेसवे पर 0 पॉइंट से 8 किलोमीटर के बोर्ड के पास हुआ।

दरअसल, रविवार की सुबह आगरा से नोएडा की तरफ जाने वाले रास्ते पर एक कैंटर ने दो कार सवारों को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार में सवार आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।

कृपालु महाराज की बड़ी बेटी विशाखा की मौत


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जगद्गुरु कृपालु परिषद भक्तिधाम की अध्यक्ष डॉ. विशाखा त्रिपाठी को रविवार को सिंहापुर के लिए निकलना था। वो रात करीब 1 बजे दो गाड़ियों में यमुना एक्सप्रेस से होते हुए दिल्ली के लिए निकले थे। एक गाड़ी में विशाखा त्रिपाठी और अन्य लोग बैठे थे। जबकि दूसरी गाड़ी में विशाखा त्रिपाठी की बहन श्यामा और कृष्णा त्रिपाठी बैठी थीं। यमुना एक्सप्रेस वे पर दनकौर के पास विशाखा त्रिपाठी की कार ट्रक में जा घुसी। जबकि डॉ. श्यामा और कृष्णा त्रिपाठी की कार पीछे से उनके गाड़ी में जा भिड़ी। हादसे में आगे बैठीं विशाखा त्रिपाठी और कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि कृष्णा त्रिपाठी और श्यामा त्रिपाठी भी घायल हो गईं। उनको फौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान विशाखा त्रिपाठी की मौत हो गई। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए वृंदावन लाया जाएगा।

आश्रम की देखभाल करती थीं विशाखा त्रिपाठी

जगतगुरू कृपालु महाराज और उनका परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के मनगढ़ (कुण्डा) के रहने वाले हैं। विशाखा त्रिपाठी ही वहां स्थित आश्रम की देखरेख करती थीं। जबकि उनकी दोनों छोटी बहनें वंदावन और बरसाना स्थित मंदिरों का कार्यभार संभालती हैं।

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